नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को स्टार्टअप्स के लिए 1,000 करोड़ रुपये के सीड फंड का ऐलान किया। सीड फंडिंग वह पैसा होता है जो कोई व्यावसायिक उद्यम, उद्यम या स्टार्टअप जुटाता है। इसे पहला आधिकारिक इक्विटी फंडिंग फेज भी कहा जाता है। यह किसी नए बिजनेस के लिए पहला आधिकारिक फंड होता है जो उसे स्थापित होने और कारोबार शुरू करने में मदद करता है। दूसरे शब्दों में जब तक कोई बिजनेस अपना खुद का कैश जनरेट करना शुरू नहीं करता या जब तक यह आगे के निवेश के लिए तैयार न हो जाए तब तक उसे सपोर्ट देने के लिए सीड फंडिंग एक बहुत ही प्रारंभिक निवेश होता है।

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जानिए पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रारम्भ : स्टार्टअप इंडिया इंटरनेशनल समिट' के दौरान स्टार्टअप्स के साथ बातचीत की। इसी बातचीत में पीएम मोदी ने सीड फंडिंग का ऐलान किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने अपना सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान उस दिन शुरू किया जिस दिन स्टार्टअप इंडिया मूवमेंट के 5 साल पूरे हो रहे हैं। पीएम मोदी के अनुसार पहले किसी स्टार्टअप के बारे में सुनकर लोग पूछते थे कि 'आप नौकरी क्यों नहीं करते?'। लेकिन अब लोग कहते हैं कि नौकरी करने के बजाए स्टार्ट अप क्यों न शुरू किया जाए।

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स्टार्टअप ईकोसिस्टम में भारत सबसे ड़े देशों में शामिल
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत आज स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के सबसे बड़े देशों में से एक है। आज हमारे देश में 41,000 से अधिक स्टार्ट-अप हैं। इन वेंचर्स में से 44% को आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त है। आईटी क्षेत्र में लगभग 5,700 स्टार्टअप, स्वास्थ्य क्षेत्र में 3,600 और कृषि क्षेत्र में 1,700 स्टार्टअप काम में लगे हुए हैं। ये स्टार्टअप कारोबार के डेमोग्राफिक कैरेक्टर को बदल रहे हैं।

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