नई दिल्ली, सितंबर 19। एयर इंडिया को सरकार ने पिछले साल बेच दिया था और अब सरकार ने विमान कंपनी से जुड़ी दो और कंपनियों की बिक्री की प्रक्रिया शुरू कर रही है। सरकार एयर इंडिया से अलग हुई दो कंपनियां एयर इंडिया एयरपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एआईएएसएल) और एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड (एआईईएसएल) को बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दिया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग ने एआईएएसएल और एआईईएसएल में निवेशकों की दिलचस्पी को जानने की प्रक्रिया शुरू किया है। अधिकारी ने बताया कि विभाग जल्द ही इच्छुक खरीदारों से आवेदन आमंत्रित करेंगे। भारत सरकार ने कर्ज में डूबी सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया को पिछले साल अक्टूबर में टाटा ग्रुप को 18,000 करोड़ रुपये में बेच दिया था।

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कुछ कंपनियों को नहीं बेचेगी सरकार

हालांकि, सरकार एयर इंडिया की चार सहायक कंपनियां की हिस्सेदारी नहीं बेचेगी। इन कंपनियों में एयर इंडिया एयरपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एआईएएसएल), एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड (एआईईएसएल), एलायंस एयर एविएशन लिमिटेड (एएएएल) और होटल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एचसीआई) शामिल हैं। यह कंपनियां सौदे का हिस्सा नहीं हैं। सरकार ने 15,000 करोड़ रुपये मूल्य वाली इन सहायक कंपनियों को एयर इंडिया एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड (एआईएएचएल) को स्थानांतरित कर दिया है।

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इन कंपनियों के बेचने पर बाद में होगा विचार

सरकार ने एयर इंडिया के बिक्रि के समय कहा था कि इन सहायक कंपनियों और अन्य संपत्तियों को बेचने पर बाद में विचार किया जाएगा। इन सभी खबरों के बिच सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग ने एआईएएसएल और एआईईएसएल के निजीकरण के लिए निवेशके के साथ बैठकों का आयोजन किया है।

एयर इंडिया का घट रहा है मार्केट

एक समय ऐसा था कि भारतीय एयर क्षेत्र में एयर इंडिया की बादशाहत थी। लेकिन आज समय ऐसा आ गया है कि एयर इंडिया का मार्केट शेयर अब 10 फीसदी से भी कम बच गया है। एयर इंडिया अब फिर से टाटा ग्रुप के पास आ चुकी है। टाटा ग्रुप एयर इंडिया को फिर से जिवित करने का पूरा प्रयास कर रही है। अगले पांच साल में टाटा का मार्केट शेयर को 30 प्रतिशत तक लाना है।