: स्पेशनल इंजीनियरिंग इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी स्टैंडर्ड ग्लास लाइनिंग टेक्नोलॉजी का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) अगले हफ्ते खुलेगा. रिटेल निवेशक 6 जनवरी से 8 जनवरी 2025 तक आईपीओ में पैसा लगा सकते हैं. कंपनी ने प्रति इक्विटी शेयर 133 से 140 रुपए प्राइस बैंड तय की है. बता दें कि एंकर निवेशक 3 जनवरी से सब्सक्राइब कर सकते हैं.

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आईपीओ से फंड जुटाने की योजना

आईपीओ का लक्ष्य 210 करोड़ रुपए के नए शेयर जारी किया जाएगा. जबकि 200.05 करोड़ रुपए के लिए 1.42 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के ज़रिए 410 करोड़ रुपए जुटाना है. रिटेल निवेशकों को कम से कम 107 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी, जिसके लिए ₹14,980 का निवेश करना होगा.

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13 जनवरी को होगी लिस्टिंग

रिटेल निवेशक आईपीओ में 6 जनवरी से 8 जनवरी तक बोली लगा सकते हैं. इसके बाद 9 जनवरी को शेयरों का अलॉटमेंट हो सकता है. फिर बीएसई और एनएसई पर 13 जनवरी को शेयरों की लिस्टिंग होगी. बता दें कि लिस्टिंग से पहले शेयरों को डीमैट खातों में जमा करने पर 10 जनवरी को रिफंड किया जाएगा.

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आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज और मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स प्रमुख प्रबंधक हैं, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज इस आईपीओ के लिए रजिस्ट्रार के रूप में कार्य कर रही है, जो पूरा होने पर एनएसई और बीएसई दोनों एक्सचेंजों पर लिस्ट होगा.

आईपीओ पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज फर्म एसबीआई सिक्योरिटीज ने स्टैंडर्ड ग्लास लाइनिंग टेक्नोलॉजी के आईपीओ पर नोट जारी किया है. इसके तहत आईपीओ में लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट के लिए सब्सक्राइब की रेटिंग दी है. ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि कंपनी जियोग्राफिकल और प्रोडक्ट्स एक्सपेंशन के साथ मीडियम टर्म में रेवेन्यू ग्रोथ 20-25 फीसदी के बीच रहने सकता है.

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कंपनी 2026 तक एक्सपोर्ट से आय 20 फीसदी तक करना चाहती है, जोकि फिलहाल 0.5 फीसदी है. कंपनी फिलहाल सेक्टर में अपनी प्रतिद्वंदियों के मुकाबले ठीकठाक वैल्युएशन पर ट्रेड कर रहा है.

कहां होगा फंड का इस्तेमाल

जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी कई कार्यों के लिए करेगी. इसके तहत कंपनी मशीनरी और इक्विपमेंट खरीदने पर 10 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना बना रही है. फिर 130 करोड़ रुपए का इस्तेमाल कुछ बकाया कर्ज को चुकाने या समय से पहले चुकाने के लिए किया जाएगा.

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RHP के मुताबिक सब्सिडियरी कंपनी S2 इंजीनियरिंग इंडस्ट्री के लिए 30 करोड़ रुपए का निवेश भी तय किया गया है. इसके अलावा स्टैंडर्ड ग्लास लाइनिंग अधिग्रहण या रणनीतिक निवेश के जरिए इनऑर्गैनिक ग्रोथ के लिए 20 करोड़ रुपए खर्च कर सकती है, बाकी रकम को सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए खर्च करेगी.