SpaceX क्या दुनिया का सबसे बड़ा बबल बना रहा है या फिर हम History को अपनी आंखों के सामने आकार लेते हुए देख रहे हैं?

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करीब 2 ट्रिलियन डॉलर यानी लगभग ₹180 लाख करोड़। आज SpaceX की वैल्यूएशन इसी स्तर पर पहुंच चुकी है। यह ऐसी कंपनी है जो अभी भी अरबों डॉलर का नुकसान उठा रही है, जिसके कई बड़े प्रोजेक्ट्स शुरुआती चरण में हैं और जिसका अंतिम लक्ष्य इंसानों को मंगल ग्रह तक पहुंचाना है।

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यही वजह है कि SpaceX को लेकर दुनिया भर में बहस छिड़ी हुई है। क्या निवेशक भविष्य खरीद रहे हैं या फिर यह इतिहास का सबसे बड़ा निवेश बुलबुला बनता जा रहा है?

SpaceX: Nasdaq पर ऐतिहासिक लिस्टिंग

12 जून 2026 को SpaceX ने अमेरिकी शेयर बाजार Nasdaq पर लिस्टिंग की और पहले ही दिन निवेशकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

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कंपनी का IPO प्राइस 135 डॉलर प्रति शेयर था, लेकिन ट्रेडिंग शुरू होते ही शेयर 150 डॉलर पर खुला। यह इश्यू प्राइस से करीब 29% ऊपर था। दिन के अंत तक शेयर 160.95 डॉलर तक पहुंच गया, जिसने कंपनी की वैल्यूएशन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।

लिस्टिंग के समय SpaceX की अनुमानित वैल्यूएशन करीब 800 अरब डॉलर थी। लेकिन SpaceX और xAI के विलय के बाद संयुक्त कंपनी की वैल्यू लगभग 1.25 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई। इसके साथ ही Elon Musk की कुल संपत्ति बढ़कर लगभग 852 अरब डॉलर हो गई।

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हालांकि बाजार का उत्साह यहीं नहीं रुका। लिस्टिंग के बाद भारी खरीदारी के चलते कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर करीब 2.1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया।

Profitbooking के बाद भी भरोसा कायम

इतनी तेज रैली के बाद कुछ निवेशकों ने मुनाफावसूली भी की, 13 और 14 जून को शेयर में 1 से 2 प्रतिशत की हल्की गिरावट देखने को मिली। IPO से पहले निवेश करने वाले कई निवेशकों ने शानदार लिस्टिंग का फायदा उठाते हुए आंशिक लाभ बुक किया।

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इसके बावजूद शेयर 150 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर बना रहा। इससे संकेत मिला कि शॉर्ट टर्म में मुनाफावसूली जरूर हो रही है, लेकिन लॉन्ग टर्म निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत है।

15 जून 2026 तक SpaceX का शेयर करीब 160.95 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है और कंपनी का मार्केट कैप लगभग 2.1 ट्रिलियन डॉलर के पास बना हुआ है।

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SpaceX पर Uday Kotak ने क्यों उठाए सवाल?

SpaceX की रिकॉर्ड वैल्यूएशन ने भारत के दिग्गज बैंकर उदय कोटक का भी ध्यान खींचा है।

कोटक का कहना है कि SpaceX की वैल्यूएशन पारंपरिक वित्तीय मॉडल और मूल्यांकन के पैमानों में फिट नहीं बैठती। उनके मुताबिक यह सिर्फ एक कंपनी नहीं बल्कि मानव सभ्यता के भविष्य पर लगाया गया एक विशाल दांव है।

उनका मानना है कि निवेशक कंपनी की वर्तमान कमाई नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं को कीमत दे रहे हैं। यही वजह है कि पारंपरिक वैल्यूएशन मॉडल SpaceX को समझाने में असफल नजर आते हैं।

वैल्यूएशन पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?

SpaceX को लेकर उत्साह जितना बड़ा है, उतने ही बड़े सवाल भी मौजूद हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक 2025 की शुरुआत से मार्च 2026 तक कंपनी को करीब 8.7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। यानी SpaceX अभी भी बड़े पैमाने पर निवेश और खर्च कर रही है।

कंपनी के कई बड़े प्रोजेक्ट्स ऐसी तकनीकों पर आधारित हैं जो अभी पूरी तरह साबित नहीं हुई हैं। ऐसे में कुछ विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा वैल्यूएशन वास्तविक बिजनेस प्रदर्शन से कहीं आगे निकल चुकी है।

इसी संदर्भ में मॉर्निंगस्टार का अनुमान है कि SpaceX की उचित वैल्यूएशन करीब 780 अरब डॉलर होनी चाहिए। जबकि बाजार उसे 2 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का मूल्य दे रहा है।

निवेशकों में भरोसा क्यों?

अगर वित्तीय आंकड़े इतने मजबूत नहीं हैं तो निवेशक SpaceX पर इतना बड़ा दांव क्यों लगा रहे हैं? इसका सबसे बड़ा कारण Elon Musk हैं।

Tesla, SpaceX और Starlink जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए Musk कई बार उन विचारों को वास्तविकता में बदल चुके हैं जिन्हें कभी असंभव माना जाता था। यही वजह है कि बड़ी संख्या में निवेशक कंपनी के मौजूदा वित्तीय प्रदर्शन से ज्यादा Musk के विजन और उनकी क्षमता पर भरोसा कर रहे हैं।

Musk का दीर्घकालिक लक्ष्य इंसानों को Multi-Planetary Species बनाना है। यानी ऐसी प्रजाति जो सिर्फ पृथ्वी तक सीमित न रहे बल्कि दूसरे ग्रहों पर भी बस सके।

SpaceX सिर्फ बुलबुला है?

आज SpaceX को लेकर दुनिया दो हिस्सों में बंटी हुई दिखाई देती है।

एक पक्ष इसे आने वाली तकनीकी क्रांति का नेतृत्व करने वाली कंपनी मानता है। वहीं दूसरा पक्ष इसे इतिहास के सबसे बड़े निवेश बुलबुलों में से एक मान रहा है।

सच्चाई क्या है, इसका जवाब आने वाले वर्षों में मिलेगा। लेकिन फिलहाल इतना तय है कि SpaceX अब केवल एक रॉकेट कंपनी नहीं रह गई है। यह भविष्य, तकनीक और मानव सभ्यता की अगली छलांग पर लगाया गया एक विशाल निवेश दांव बन चुकी है।

2.1 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यूएशन, 8.7 अरब डॉलर का नुकसान, 780 अरब डॉलर की अनुमानित फेयर वैल्यू और Elon Musk का मंगल ग्रह का सपना-इन सबके बीच SpaceX आज निवेशकों की कल्पना और बाजार की उम्मीदों का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुकी है।

अब असली सवाल यही है-क्या बाजार भविष्य को सही कीमत दे रहा है, या फिर Elon Musk के सपनों के पीछे जरूरत से ज्यादा भाग रहा है?