नई द‍िल्‍ली: अगर आप भी न‍िवेश का बेहतर विकल्‍प तलाश रहे तो यह खबर आपके ल‍िए बड़े काम की है। जी हां जल्‍द ही पीएसयू का आईपीओ आने वाला है ज‍िसके जरि‍ए आपको न‍िवेश का बड़ा मौका म‍िलने वाला है। वहीं बता दें कि पीएसयू का शेयर खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो ईईएसएल बेहतर विकल्‍प हो सकता है। यह कंपनी देश की बिजली कंपनियों का संयुक्‍त उद्यम (जेवी) है। इसका आईपीओ इस साल के अंत या फिर 2021 में आ सकता है।

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5,000 करोड़ रुपये का आईपीओ
इस सुपर-एनर्जी सर्विस कंपनी का गठन एनटीपीसी,पीएफसी, आरईसी और पावर ग्रिड सहित अन्य पीएसयू के बीच एक संयुक्त उद्यम के रूप में किया गया है। ईईएसएल के एमडी के मुताबिक कंपनी 5,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लाएगी। आईपीओ लाने की योजना इसी कारोबारी साल में थी लेकिन कोविड 19 के कारण इसे टाल दिया गया है। एमडी के मुताबिक यह मौजूदा कारोबारी साल के अंत में या फिर 2021 की शुरुआत में हो सकता है।

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जानकारी दें कि मौजूदा कारोबारी साल के दौरान कंपनी का कैपिटल एक्‍सपेंडिचर 5,000 करोड़ रुपये के आसपास रहने का अनुमान है, जिसमें से 1,000 करोड़ रुपये के इक्वि टी की जरूरत होगी। वहीं उन्‍होंने बताया कि हमने स्मार्ट मीटर के लिए एक एसपीवी भी बनाया है। स्मार्ट मीटर्स के सभी निवेश में से 50 प्रतिशत ईईएसएल और बाकी एनआईआईएफ (नेशनल इनवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड) से आएगा।

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30 लाख स्मार्ट मीटर लगाने की उम्‍मीद
स्मार्ट मीटर कैटेगरी कंपनी का एक सबसे तेजी से बढ़ रहा सेगमेंट है। विभिन्न राज्यों ने अपने यहां बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटर लगाने में रुचि दिखाई है। राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों ने स्मार्ट मीटर पर हमारे से चर्चा शुरू की है। हम वित्त वर्ष 21 में 30 लाख स्मार्ट मीटर लगाने की उम्‍मीद करते हैं।

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क्या है आईपीओ
आईपीओ को इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग कहते हैं। दरअसल जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर पब्लिक को ऑफर करती है तो इसे आईपीओ कहते हैं। इस प्रक्रिया में कंपनियां अपने शेयर आम लोगो को ऑफर करती है और यह प्राइमरी मार्केट के अंतर्गत होता है। अगर ज्यादा साधारण तरह से जानना है तो कहेगें कि आईपीओ के जरिए कंपनी फंड इकट्ठा करती है और उस फंड को कंपनी की तरक्की में खर्च करती है। बदले में आईपीओ खरीदने वाले लोगों को कंपनी में हिस्सेदारी मिल जाती है। मतलब जब आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते है तो आप उस कंपनी के खरीदे गए हिस्से के मालिक होते हैं। एक कंपनी एक से ज्यादा बार भी आईपीओ ला सकती है। आमतौर पर कंपनियां कई कारणों से आईपीओ लाती है।

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