नई दिल्ली, अगस्त 10। उपभोक्ता मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी कि तरफ से बताया गया है कि आने वाले समय में आपके स्मार्टफोन, टैबलेट सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए एक ही चार्जर काम करेगा। इसके लिए मंत्रालय ने 17 अगस्त को उद्योग के लिए बैठक बुलाई है। इसमें इस बात की चर्चा की जाएगी कि सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में एक ही चार्जर लागू करने में क्या समस्या आ सकती है। मोबाइल निर्माता और अन्य संगठनों को इस बैठक में बुलाया गया है।
अधिकारी के अनुसार, अभी बहुत सारे चार्जर है। उसको खत्म करने का विचार है। इससे ई वेस्ट में कमी आयेगी। यूरोपीय संघ में हाल ही में 2024 तक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए एक यूएसबी सी पोर्ट को अपनाने का नियम लागू करने की बात कह रहे है। अमेरिका में भी इसी तरह को योजना को बनाया जा रहा है।
अधिकारी की तरफ से कहा गया अमेरिका के यूरोप में कंपनी ऐसी सेवा दे सकती है तो फिर भारत में क्यों नहीं। स्मार्टफोन और चार्जर में एक ही जैसे चार्जर लगना चाहिए। अधिकारी की तरफ से कहा गया यदि भारत इस तरह के बदलाव पर जोर नही देता है तो इस तरह के प्रोडक्ट को यह डंप किया जा सकता है। इस समय कस्टमर्स को इस वजह से हर एक बार नया डिवाइस खरीदने में नया चार्जर खरीदना पड़ता है।
ई कचरा दुनिया भर में बढ़ रहा है। ई कचरा मतलब इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान जिसे खराब होने या ठीक नही हो पाता उसे हम फेक देते है। जिसकी वजह से पर्यावरण में नई समस्या उत्पन्न हो सकती है। ऐसी समस्या से बचने के लिए दुनिया भर में बहुत सारे एनजीओ काम कर रहे है। रिसाइकल यानी खत्म करते ही दूसरा प्रोडक्ट बनाया जाता है।
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