नई दिल्ली, अगस्त 27। इनवेस्टर्स अपनी सुविधा के मुताबिक स्टेप-अप या टॉप-अप एसआईपी में नियमित अंतराल पर एसआईपी के माध्यम से म्यूचुअल फंड में लगाए गए पैसे को बढ़ा सकते है। इस तरह निवेश की सुविधा मार्केट की स्थिति की चिंता किए बिना इन्वेस्ट के लिए सक्षम बनाती है।
मान लीजिए कि कोई निवेशक रिटायरमेंट के लक्ष्य के लिए निवेश करना शुरू करता है। अगर निवेशक हर महीने 20 हजार रुपये की एसआईपी 20 साल के लिए जमा करता है और उसपे मिलने वाले ब्याज को अगर 11 प्रतिशत ही माने तो 20 साल के अंत तक उसके पास करोड़ो रूपये की संपत्ति होगी। 20 साल निवेशक कुल 48 लाख रुपये निवेश करेगा और उसे 1.75 करोड रुपये मिलेंगे। अगर निवेशक अपने एसआईपी में हर महीने 10 प्रतिशत का इजाफा करता है तो मेट्यूरिटी पर 2.82 करोड़ रुपये मिलेंगे
टॉप-अप की सुविधा म्यूचुअल फंड एसआईपी में इनवेस्टर्स को अपनी बढ़ती आय के साथ अपने इन्वेस्ट को संरेखित करने में सक्षम बनाती है। एक सामान्य परिदृश्य में, पेशेवर, बिजनेसमैन और यहां तक कि वेतनभोगी वर्ग भी उम्मीद करते हैं। उनके इनकम वार्षिक एक निश्चित प्रतिशत ने वृद्धि होती है और इसलिए आप अपनी कमाई में अपेक्षित वृद्धि से अपना एसआईपी टॉप अप करते है तो आप अपने कॉर्पस में एक महत्वपूर्ण हिस्सा से जोड़ सकते हैं।
यह एक ऑटो मोड सुविधा के लिए काम करता है और एक केवल टॉप अप फॉर्म को साइन करना होता है इसलिए जब हम एसआईपी का योगदान बढ़ाने इरादा रखते है तो फिर आप एक नया एसआईपी शुरू करने की टेंशन लेने की कोई जरूरत नही होगी। आप उसी स्कीम और पोर्टफोलियो में अपने वर्तमान एसआईपी को टॉप अप कर सकते है।
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