Silver Price Outlook 2026: अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों के बीच गुरुवार (27 नवंबर) को चांदी की कीमत में अच्छी तेजी देखी गई। पिछले तीन कारोबारी सत्र में चांदी के भाव में उछाल दर्ज हुई। गुरुवार को चांदी के भाव में प्रति किलोग्राम 4000 की बढ़त दर्ज हुआ और इसके साथ तीन दिनों में सिल्वर का रेट 10000 रुपये बढ़ा है। इससे पहले सिल्वर बीते दिन बुधवार को प्रति किलोग्राम 2000 रुपये और मंगलवार को 4000 रुपये महंगा हुआ था।

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इस साल की बात करें तो 2025 में अब तक चांदी की कीमत में बंपर उछाल आई है। जनवरी की शुरुआत में सिल्वर की कीमत दिल्ली में लगभग 90000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास थी, जबकि MCX पर 87000 के आसपास थी, जो अब नवंबर तक बढ़कर दिल्ली में 1,73,000 प्रति किलोग्राम तक और एमसीएक्स पर 1,65,000 रुपये के आसपास पहुंच गई है। यानी कुल मिलाकर, 100 प्रतिशत से अधिक की उछाल को दर्शाता है।

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ऐसे में अब सवाल है कि 2026 में चांदी की कीमत कहां तक जा सकती है। इस संबंध में तमाम एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज फर्म्स ने अपने-अपने स्तर पर अनुमान जारी किए हैं। तो चलिए समझते हैं कि एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज फर्म्स का क्या अनुमान है और कौन से फैक्टर्स चांदी की तेजी को बढ़ाएंगे...

2026 में कहां तक जाएगी चांदी की कीमत

चांदी की कीमतों का पूर्वानुमान वैश्विक आर्थिक कारकों, जैसे औद्योगिक मांग (सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी), ब्याज दरों में कटौती, मुद्रास्फीति, और रुपये की कमजोरी पर निर्भर करता है। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, 2026 में कीमतें ऊपर की ओर बढ़ने की संभावना है, लेकिन उतार-चढ़ाव संभव है। अधिकांश एक्सपर्ट्स का पूर्वानुमान है कि चांदी 1,40,000 रुपये से 2,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच रहेंगी जबकि कुछ ज्यादा आशावादी एक्सपर्टस का अनुमान है कि चांदी 2026 में 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक जा सकती हैं।

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घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल की मानें तो चांदी की कीमत औसत रूप से 1,80,000-2,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच रहने का अनुमान है जबकि ऊपरी स्तर पर यह 2,40,000 रुपये तक जा सकती है। चांदी की तेजी में सोलर/EV मांग और रुपये की कमजोरी जैसे फैक्टर प्रमुख भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा Augmont के मुताबिक 2026 में चांदी की कीमत औसतन 1,40,000-1,60,000 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच रहेंगी जबकि ऊपरी स्तर पर 2,00,000 रुपये तक जा सकती हैं। वहीं, DollarRupee.in Forecast के मुताबिक, अगले साल चांदी की औसत कीमत 1,70,000-1,90,000 रुपये और ऊपरी स्तर पर 2,10,000 रुपये तक जा सकती है।

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Long Forecast के अनुसार, औसतन 1,80,000-2,00,000 रुपये के बीच रह सकती है जबकि ऊपरी स्तर पर 2,15,000 रुपये तक जा सकती है। Coin Price के मुताबिक, औसत कीमत 2,20,000-2,40,000 रुपये के बीच रहने का अनुमान है जबकि ऊपरी स्तर पर 2,50,000 रुपये तक जा सकती है। Lite Finance ने बताया है कि चांदी की कीमत अगले साल औसत रूप से 1,60,000-1,90,000 के बीच रह सकती हैं जबकि ऊपरी स्तर पर 3,20,000 रुपये तक जा सकती हैं।

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HDFC Securities के अनुसार, चांदी ऊपरी स्तर पर 2,45,000 रुपये तक जा सकती है और Augmont की Renisha Chainani के अनुसार, चांदी की कीमत 2,00,000 रुपये तक जा सकती है।

[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]