नयी दिल्ली। आपको तेजस ट्रेन में अधिक सामान ले जाना महंगा पड़ेगा। मुंबई-अहमदाबाद तेजस एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन करने वाली भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम यानी आईआरसीटीसी ने सामान नियमों को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है। नये नियमों में अधिक सामान ले जाने पर अधिक किराया लगेगा। नये नियमों के मुताबिक एक्जेक्यूटिव चेयर कार यात्रियों को 70 किलो सामान ले जाने की अनुमति होगी। वहीं चेयर कार से सफर करने वाले 40 किलो तक सामान ले जा सकेंगे। वहीं पैसेंजर कम्पार्टमेंट में आपके सामने का आकार भी जांचा जायेगा। अब संदूक, सूटकेस या किसी बक्से का आकार 100X60X25 सेंटीमीटर ही होना चाहिए। इससे अधिक आकार के सामानो को ब्रेक वेन में भेजा जायेगा। एक आईआरसीटीसी के अधिकारी के मुताबिक लिमिट से ज्यादा वजन होने पर यात्रियों से शुल्क वसूला जायेगा।

कितना लगेगा चार्ज

अधिकारी के अनुसार सामान का तय सीमा से अधिक वजन होने पर प्रति यात्री 109 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लगाया जायेगा। वैसे आपको बता दें कि अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों में भी सामान नियम लागू होते हैं, लेकिन कर्माचारियों की संख्या की कमी और वजन तोलने के उपकरणों के न होने की वजह से उन्हें लागू नहीं किया जा पाता। मगर तेजस में हर कोच में 3 कर्मचारी होते हैं, जिनमें रेल होस्टेस भी शामिल हैं। तीन कर्मचारियों के चलते सामान के चेकिंग आसान हो सकती है। तय सीमा तक सामान ले जाने पर यात्रियों से कोई चार्ज नहीं लिया जायेगा।

क्यों है जरूरत

एक अधिकारी के मुताबिक सभी यात्रियों के लिए पर्याप्त सामान रखने की क्षमता सुनिश्चित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि यात्री दरवाज़े बंद होने से पहले अपना सामान रखने में सक्षम हों, इसके लिए नये नियम जरूरी हैं। आईआरसीटीसी की योजना गर्मियों की शुरुआत से पहले इस नियम को सख्ती से लागू करने की है। पांच से 12 वर्ष तक की उम्र के बच्चों को अधिकतम 50 किलोग्राम तक मुफ्त सामान ले जाने की अनुमति होगी।

हाल ही में पेश हुए बजट के प्रस्ताव

नए इन्फ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट पर ध्यान केंद्रित करते हुए, बजट 2020 में नई रेलवे लाइनों के निर्माण के लिए 12,000 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। इसके अलावा गेज कंवर्जन के लिए 2,250 करोड़ रुपये, दोहरीकरण के लिए 700 करोड़, रोलिंग स्टॉक के लिए 5,786.97 करोड़ रुपये और 1650 करोड़ रुपये सिग्नलिंग और दूरसंचार के लिए आवंटन किये गये हैं।

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