Sheikh Hasina Net Worth: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। एक ट्रिब्यूनल ने पिछले साल हुए विरोध प्रदर्शनों में मानवता के विरुद्ध अपराधों के लिए उन्हें फांसी की सज़ा सुनाई है। इससे पहले अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया था, जिससे उनकी राजनीतिक स्थिति और भी जटिल हो गई है।

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जुलाई 2024 में बड़े पैमाने पर बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद पिछले साल अगस्त में ही शेख हसीना की सरकार गिर गई थी। तब से वह भारत में शहण लेकर रह रही हैं। हालांकि, अब अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने
उन्हें एक गंभीर मामले में मौत की सज़ा सुनाई गई है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में उनकी सरकार सत्ता से बाहर है, लेकिन उनकी संपत्ति करोड़ों रुपये में है। तो चलिए जानते हैं कि शेख हसीना कितनी संपत्ति की मालकिन हैं...

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कितनी संपत्ति की मालकिन हैं शेख हसीना?

शेख हसीना बांग्लादेश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में अपना चौथा कार्यकाल पूरा किया, जिसमें उनकी पार्टी, बांग्लादेश अवामी लीग, ने पिछले चुनावों में 300 में से 288 संसदीय सीटें जीती थीं। उन्होंने खुले तौर पर कहा था कि यह उनका आखिरी कार्यकाल हो सकता है।

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शेख हसीना की कुल संपत्ति उन्हें दुनिया की सबसे शक्तिशाली महिलाओं में से एक बनाती है। बांग्लादेश चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति 4.36 करोड़ रुपये बताई गई थी। 2022 में उनकी वार्षिक आय 1.07 करोड़ रुपये टका थी, जिसमें कृषि क्षेत्र से अच्छी-खासी कमाई शामिल थी।

यह राशि 2018 की उनकी आय से काफी अधिक है। उनके आयकर रिटर्न में कुल आय 1.91 करोड़ रुपये दर्शाई गई है। 75 लाख रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट और बचत बांड सहित उनके निवेशों ने उनकी वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया है। उनका वार्षिक वेतन लगभग 9,92,922 रुपये था, जो प्रति माह लगभग 86,000 रुपये के बराबर है।

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संपत्ति के मामले में, शेख हसीना के पास 6 एकड़ कृषि भूमि है। उन्हें मछली पालन से भी आय प्राप्त होती है। इसके अतिरिक्त, उनके पास एक कार भी है, जो उन्हें उपहार में मिली थी। उनकी ये सभी संपत्तियां और निवेश उनकी महत्वपूर्ण वित्तीय ताकत को दर्शाते हैं।

ट्रिब्यूनल का फैसला पक्षपातपूर्ण: हसीना

अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-बांग्लादेश (आईसीटी-बीडी) द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने पर शेख हसीना की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा "मेरे खिलाफ सुनाए गए सारे फैसले एक धांधली वाले न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए हैं। यह फैसला पक्षपातपूर्ण है।"

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उन्होंने आगे कहा, "यह ट्रिब्यूनल एक ऐसी अंतरिम सरकार चला रहा है जिसका कोई लोकतांत्रिक जनादेश नहीं है, और जिसके निर्णय स्पष्ट रूप से राजनीतिक प्रेरणा से संचालित हैं।" उनका दावा है कि न्यायाधिकरण ने केवल अवामी लीग के सदस्यों पर मुकदमा चलाया है, जबकि राजनीतिक विरोधियों द्वारा की गई हिंसा को नजरअंदाज किया गया है।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया, "मैं आईसीटी द्वारा मानवाधिकारों के हनन के अन्य आरोपों को भी निराधार मानते हुए खारिज करता हूं। मुझे मानवाधिकारों और विकास के मामले में अपनी सरकार के रिकॉर्ड पर बहुत गर्व है।"

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कौन हैं शेख हसीना और क्या है पृष्ठभूमि?

शेख हसीना बांग्लादेश के संस्थापक और पहले राष्ट्रपति बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की बेटी हैं। 15 अगस्त, 1975 को सैन्य अधिकारियों ने शेख मुजीबुर्रहमान, उनकी पत्नी शेख फजीलतुन्नेस मुजीब और उनके तीन बेटों की हत्या कर दी थी। हालांकि, शेख हसीना और उनकी छोटी बहन शेख रेहाना इस हमले में बच गईं थीं, क्योंकि वे उस समय विदेश में थीं।

शेख हसीना 1981 में बांग्लादेश लौटने से पहले छह साल तक निर्वासन में रहीं। उन्होंने 1968 में बांग्लादेशी भौतिक विज्ञानी और बांग्लादेश परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एमए वाजेद मिया से शादी की थी।

मिया ने 2009 में 67 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन होने से पहले कई भौतिकी और राजनीतिक इतिहास की किताबें लिखीं। हसीना और मिया के दो बच्चे हैं: बेटा साजीब वाजेद और बेटी साइमा वाजेद। साजीब वर्तमान में बांग्लादेश में एक व्यवसायी और राजनेता हैं।