Share Market में शानदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी 50 (Sensex & Nifty 50) दोनों ही ग्रीन ज़ोन में दिकाई हुए, जिससे निवेशकों का भरोसा एक बार फिर लौटता नजर आया। अगर कल के कारोबार पर नजर डालें, तो दोपहर के बाद बाजार में तेज गिरावट शुरू हो गई थी और इंडेक्स लाल निशान में फिसल गए थे। इस गिरावट की बड़ी वजह ग्लोबल मार्केट में बिकवाली रही, खासकर दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में भारी गिरावट देखने को मिली, जिसका असर भारतीय बाजार (Market) पर भी पड़ा।
लेकिन आज की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। बाजार ने दमदार वापसी की और निफ्टी करीब 250 अंकों की तेजी के साथ 24,100 के आसपास पहुंच गया। आज के कारोबार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली और निफ्टी के 30 से ज्यादा शेयर (Share) बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आएं, य़ह आंकड़ा करीब 2:30 बजे के आसपास का है।
निफ्टी के टॉप गेनर्स-
अगर टॉप गेनर्स की बात करें, तो ट्रेंट करीब 5% चढ़ा। इंडिगो में 4% से ज्यादा की तेजी रही। श्रीराम फाइनेंस और टेक महिंद्रा में करीब 3.5% की बढ़त देखने को मिली। वहीं ICICI बैंक, डॉ रेड्डी और बजाज फाइनेंस जैसे बड़े शेयर भी करीब 3% तक चढ़े। दूसरी ओर, गिरने वाले शेयरों में बजाज ऑटो करीब 2-3% तक फिसला, हालांकि इसमें बाद में रिकवरी भी देखने को मिली। इसके अलावा ONGC, NTPC और अन्य कुछ शेयरों में हल्की कमजोरी रही। बजाज ऑटो में गिरावट की खास वजह साइबर अटैक की खबर रही, जिसे कंपनी ने बाद में काफी हद तक नियंत्रित कर लिया।
तेजी के पीछे वजह क्या रही-
तेजी इसके पीछे कई अहम फैक्टर्स काम कर रहे हैं। सबसे पहली वजह है वैल्यू बाइंग। कल की गिरावट के बाद निवेशकों को अच्छे स्तर पर खरीदारी का मौका मिला, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया। दूसरी बड़ी वजह रही कच्चे तेल की कीमतों में नरमी। ब्रेंट क्रूड में गिरावट आने से बाजार को सपोर्ट मिला, क्योंकि इससे महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद बनती है।
सेक्टोरल सपोर्ट भी काफी मजबूत-
इसके अलावा सेक्टोरल सपोर्ट भी बाजार (Market) के लिए काफी मजबूत रहा। आईटी सेक्टर में करीब 2% की तेजी देखने को मिली। प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर ने भी शानदार प्रदर्शन किया और बाजार को ऊपर खींचने में मदद की। रियल्टी सेक्टर भी करीब 2% चढ़ा। इसके साथ ही बैंकिंग, ऑयल एंड गैस सेक्टर से भी बाजार को अच्छा सपोर्ट मिला। हालांकि ऑटो और मेटल सेक्टर में शुरुआत में दबाव था, लेकिन बाद में इनमें भी रिकवरी देखने को मिली, जिससे बाजार की तेजी और मजबूत हो गई।
FIIs की खरीदारी से मार्केट को सपोर्ट-
इसके साथ ही FIIs की खरीदारी ने भी बाजार की तेजी को सपोर्ट किया। मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने बिकवाली से अधिक खरीदारी की, जिससे मार्केट में पॉजिटिव सेंटिमेंट बना। हालांकि आंकड़ा छोटा रहा, लेकिन माहौल पर इसका सकारात्मक असर देखने को मिला। कैश मार्केट में विदेशी निवेशकों ने करीब ₹18 करोड़ की नेट खरीदारी की।
ट्रंप को लगा झटका-
इसके अलावा भारत-अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते की उम्मीदों ने भी बाजार को सहारा दिया। अमेरिका के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सौदा करीब फाइनल स्टेज में है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। वहीं एक और बड़ा फैक्टर रहा वैश्विक राजनीतिक संकेत। अमेरिकी सीनेट में एक प्रस्ताव पास हुआ, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के अधिकार को चुनौती दी गई। यह प्रस्ताव मामूली अंतर से पास हुआ, लेकिन इसका संदेश साफ था कि फिलहाल युद्ध की संभावना कम है। इस खबर ने ग्लोबल मार्केट में राहत दी और उसी का असर भारतीय बाजार में तेजी के रूप में देखने को मिला।
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