नई दिल्ली, सितंबर 19। यदि आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं या फिर आप शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते हैं। तो फिर आपके लिए ये खबर बहुत काम की हैं। 30 सितंबर तक डीमेट अकाउंट होल्डर को टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन प्रोसेस को पूरा करना होगा। यदि आप किसी वजह से ऐसा नहीं करते है। तो फिर आप आपका डीमेट अकाउंट लॉगिन नहीं कर पाएंगे।

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आगाह कर दिया गया था जून में

जून के महीने में इस बारे में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने सर्कुलर जारी कर आगाह कर दिया था। अब इसके मेंबर्स को अपना डीमेट खाता को लॉगिन करने के लिए ऑथेंटिकेशन फैक्टर के तौर पर बायोमीट्रिक ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करना है दूसरा ऑथेंटिकेशन नॉलेज फैक्टर हो सकता है। 

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जरूरी हैं ये

बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के रूप में फेसलॉक, फिंगरप्रिंट या फिर वॉइस की पहचान का भी इस्तेमाल किया जा सकता है और हम जब नॉलेज फैक्टर की बात करते हैं तो फिर इसके लिए आपको पिन या पासवर्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी जानकारी केवल उपयोगकर्ता को होती हैं। ईमेल के माध्यम से क्लाइंट्स को ओटीपी मिल जाएगा या फिर एसएमएस के माध्यम से भी क्लाइंट्स को ओटीपी मिल जायेगा।

पासवर्ड नहीं होगा

एनएसई की तरफ से अपने सर्कुलर में ये भी कहा गया हैं कि यदि किसी कारण से बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन संभव नहीं होता है तो इसके लिए पासवर्ड का भी उपयोग किया जा सकता हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, अधिकतर स्टॉक ब्रोकर दूसरे ऑथेंटिकेशन फैक्टर का उपयोग के रूप में पासवर्ड का इस्तेमाल नहीं कर रहें हैं।

आखिरी तारीख 30 सितंबर है

बीएससी और एनएससी ने इस बारे में सेबी के वर्ष 2018 के सर्कुलर का हवाला दिया हैं। ऑथेंटिकेशन फैक्टर्स के बारे में इस सर्कुलर में अंतर दिया गया हैं। 30 सितंबर को इसी वजह से एनएसई ने टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को बेहद आवश्यक बना दिया हैं।