सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2018-19 सीरीज I में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। 4 मई को इन निवेशकों के खाते में मैच्योरिटी का पैसा आ जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इसके लिए 14,901 रुपये प्रति यूनिट की कीमत तय की है। 8 साल पहले निवेश करने वालों के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में आए जबरदस्त उछाल का सीधा फायदा अब उन्हें मिलने वाला है।

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मई 2018 में जब यह सीरीज जारी हुई थी, तब इसकी कीमत करीब 3,114 रुपये प्रति ग्राम थी। यानी पिछले 8 सालों के दौरान निवेशकों की पूंजी करीब 5 गुना बढ़ गई है। खास बात यह है कि इस शानदार मुनाफे के अलावा निवेशकों को हर साल दो बार ब्याज का लाभ भी मिला है। यही वजह है कि भारतीय परिवारों के लिए गोल्ड बॉन्ड वेल्थ क्रिएशन का एक बेहतरीन जरिया साबित हुआ है।

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SGB 2018-19 सीरीज I: कैसे तय हुई रिडेम्पशन की कीमत?

रिजर्व बैंक ने मैच्योरिटी की कीमत तय करने के लिए बाजार दरों पर आधारित एक खास फॉर्मूले का इस्तेमाल किया है। इसके लिए इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (IBJA) द्वारा जारी 999 शुद्धता वाले सोने के पिछले तीन दिनों के क्लोजिंग प्राइस का औसत निकाला गया है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि निवेशकों को उनके डिजिटल गोल्ड पर बाजार की मौजूदा दरों के हिसाब से सही वैल्यू मिले।

पैसा बिना किसी रुकावट के खाते में आए, इसके लिए निवेशकों को तुरंत अपने बैंक अकाउंट की डिटेल्स चेक कर लेनी चाहिए। मैच्योरिटी की रकम उसी बैंक खाते में आएगी, जिसका जिक्र आपने निवेश के समय शुरुआती आवेदन फॉर्म में किया था। अगर आपने हाल ही में अपना बैंक बदला है, तो बैंक या डीपी (DP) के पास अपने रिकॉर्ड अपडेट करा लें। सही जानकारी होने पर पेमेंट मिलने में कोई देरी नहीं होगी।

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अगर आपके पास ये बॉन्ड डीमैट अकाउंट में हैं, तो इसकी प्रक्रिया आमतौर पर ऑटोमैटिक होती है। पैसा सीधे आपके ट्रेडिंग प्रोफाइल से जुड़े बैंक खाते में क्रेडिट कर दिया जाएगा। वहीं, जिन लोगों के पास फिजिकल सर्टिफिकेट हैं, उन्हें पोस्ट ऑफिस या बैंक जाकर अपनी जानकारी वेरिफाई कर लेनी चाहिए। समय रहते ये काम निपटाने से आखिरी वक्त पर होने वाली किसी भी परेशानी से बचा जा सकता है।

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SGB 2018-19: टैक्स छूट का मिलेगा बड़ा फायदा

इस निवेश का सबसे बड़ा आकर्षण मैच्योरिटी पर मिलने वाला टैक्स बेनिफिट है। अगर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को मैच्योरिटी तक रखा जाता है, तो इस पर मिलने वाले कैपिटल गेन पर पूरी तरह टैक्स छूट मिलती है। इसका मतलब है कि 14,901 रुपये प्रति यूनिट की यह कीमत व्यक्तिगत निवेशकों के लिए शुद्ध मुनाफा है। सोने की वैल्यू बढ़ने पर आपको कोई टैक्स नहीं चुकाना होगा।

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निवेश का विवरणवैल्यू की जानकारी
शुरुआती इश्यू प्राइस₹3,114 प्रति ग्राम
रिडेम्पशन प्राइस₹14,901 प्रति ग्राम
मैच्योरिटी की तारीख4 मई, 2026
कुल ग्रोथकरीब 378 प्रतिशत

मैच्योरिटी का पैसा आमतौर पर तय तारीख या उसके अगले वर्किंग डे तक खाते में आ जाता है। अगर फंड क्रेडिट नहीं होता है, तो अपना बैंक मैंडेट या ईमेल नोटिफिकेशन चेक करें। सरकारी सिक्योरिटीज की मैच्योरिटी प्रोसेस होने पर ज्यादातर बैंक अलर्ट भेजते हैं। बॉन्ड रिडेम्पशन से जुड़ी किसी भी पूछताछ के लिए आप आरबीआई (RBI) के हेल्पडेस्क से भी संपर्क कर सकते हैं।

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तगड़ा रिटर्न और ब्याज का डबल फायदा

कीमतों में भारी उछाल के अलावा, निवेशकों ने हर छह महीने में मिलने वाले फिक्स्ड ब्याज से भी कमाई की है। इस सीरीज पर 3,114 रुपये के शुरुआती निवेश पर 2.5% सालाना ब्याज दिया गया था। पिछले आठ सालों के दौरान इस ब्याज ने निवेशकों के लिए कमाई का एक रेगुलर जरिया बनाए रखा। ब्याज की आखिरी किस्त भी 4 मई को मूलधन (Principal amount) के साथ ही खाते में आएगी।

सोने की कीमतें इस समय रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब हैं, ऐसे में कई निवेशक इस पैसे को दोबारा निवेश करने की योजना बना रहे होंगे। आप चाहें तो नई गोल्ड बॉन्ड सीरीज या अन्य सुरक्षित निवेश विकल्पों को चुन सकते हैं। कोई भी बड़ा वित्तीय फैसला लेने से पहले मार्केट ट्रेंड को समझना जरूरी है। अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करके आप अपनी इस कमाई को और भी सुरक्षित बना सकते हैं।

2018-19 सीरीज I बॉन्ड की मैच्योरिटी गोल्ड बायर्स के लिए एक बड़ी जीत है। यह साबित करता है कि सरकारी गारंटी वाली स्कीमों में धैर्य के साथ निवेश करने से कैसे शानदार टैक्स-फ्री वेल्थ बनाई जा सकती है। 4 मई को पैसा आने वाला है, इसलिए सुनिश्चित करें कि आपके कागजात दुरुस्त हैं। यही सफल निवेश चक्र बताता है कि क्यों भारतीय परिवार अपने भविष्य के लिए गोल्ड बॉन्ड पर इतना भरोसा करते हैं।