Share Market Outlook: शेयर बाजार में दिवाली से पहले तेज प्रॉफिटबुकिंग देखने को मिल रही है. बाजार के प्रमुख इंडेक्स में 22 अक्टूबर को कारोबारी सेशन के दूसरे हाफ में तेज बिकवाली दर्ज की गई. इस बिकवाली में निवेशकों को करीब 9 लाख करोड़ रुपए का घाटा हुआ. बाजार के प्रमुख इंडेक्स 1-3 फीसदी तक फिसले. बाजार में मची हलचल के बीच कल यानी 23 अक्टूबर को बाजार कैसा खुल सकता है. इसको लेकर मार्केट एक्सपर्ट ने अपनी राय दी है.

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बुधवार को कैसा रहेगा बाजार का मूड?

शेयर बाजार के जानकार और मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स हेड चंदन तापड़िया ने कहा कि कल इक्विटी मार्केट की ओपनिंग कमजोर हो सकती है. हुंडई मोटर इंडिया के आईपीओ के वजह से लिक्विडिटी पर असर पड़ा. साथ ही कॉरपोरेट अर्निंग थोड़ा कमजोर है. इसकी वजह से आज मंगलवार को बाजार पर दबाव दिखा.

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उन्होंने कहा कि बुधवार को शेयर बाजार कमजोर खुल सकते हैं. बाजार के कमजोर माहौल के बीच निफ्टी में गिरावट और बढ़ सकती है, जोकि 24200 तक फिसल सकता है. बाजार में मची इस हलचल में बैंकिंग सेक्टर और हैवीवेट स्टॉक्स पर फोकस करें.

बाजार की बिकवाली में निवेशकों को भारी नुकसान

शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली की वजह से आज मंगलवार को निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है. क्योंकि बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 444.45 लाख करोड़ रुपए पर आ गया है. यह सोमवार को बाजार बंद होने के बाद 453.65 लाख करोड़ रुपए था.

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शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली

शेयर बाजार में 22 अक्टूबर को दूसरे हाफ में चौतरफा बिकवाली दर्ज की गई. सेंसेक्स 930 अंक नीचे 80,220 पर बंद हुआ. निफ्टी भी 309 अंक गिरकर 24,472 पर बंद हुआ है. सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे. सबसे ज्यादा गिरावट ऑटो, बैंकिंग, मीडिया समेत रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में रही. निफ्टी में शामिल 50 में से 47 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए. अक्टूबर में अब तक निफ्टी करीब 5 फीसदी और सेंसेक्स करीब 4 फीसदी तक फिसल चुके हैं.

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शेयर बाजार में गिरावट की वजह

शेयर बाजार में कारोबारी सेशन के दूसरे हाफ में आई तेज बिकवाली की वजह कई हैं. इसमें अर्निंग सीजन सबसे पहला है. क्योंकि अभी तक ज्यादा अच्छा नतीजे नहीं आए हैं, जिससे मार्केट को सपोर्ट मिल पाए.

विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी हावी है, जोकि 21 अक्टूबर तक 82,479.7 करोड़ रुपए की बिकवाली कर चुके हैं. हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस दौरान 77,402 करोड़ रुपए के शेयरों की खरीदारी की है. ग्लोबल मार्केट भी टूट गए हैं. साथ ही मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर भी बाजार पर देखने को मिल रहा है.

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आगे किन फैक्टर्स पर रहेगी बाजार की नजर?

बाजार के जानकारों का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार के लिए आगे कई अहम फैक्टर्स होंगे, जिन पर नजर रहेगी. इनमें दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करने वाली कंपनियां शामिल हैं. इनके प्रदर्शन का असर बाजार पर रही है. इसके अलावा क्रूड ऑयल प्राइसेज, मिडिल ईस्ट में बढ़ता जियो-पॉलिटिकल टेंशन और अमेरिका में अगले महीने होने वाले प्रेसिडेंशियल इलेक्शन पर नजर होगी.