SEBI: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने निवेशकों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एक नया टूल पेश किया है। बाजार में बढ़ते भ्रामक रिटर्न दावों और फिनफ्लुएंसर्स के misleading कंटेंट को रोकने के लिए SEBI ने 'Past Risk and Return Verification Agency' (PaRRVA) की शुरुआत की है। यह एक टेक आधारित व्यवस्था है, जो निवेश से जुड़े सभी तरह के रिटर्न दावों की जांच करेगी।

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क्या है नई PaRRVA एजेंसी?

SEBI के अनुसार, PaRRVA एक ऐसी वेरिफिकेशन एजेंसी है जो निवेश से जुड़े संस्थानों द्वारा किए गए पिछले परफॉर्मेंस दावों की सच्चाई की जांच करेगी। यानी कोई भी कंपनी, ब्रोकर, रिसर्च एनालिस्ट या रजिस्टर्ड एडवाइजर जब किसी शेयर, म्यूचुअल फंड या निवेश उत्पाद पर रिटर्न का दावा करता है, तो पहले उसकी जांच PaRRVA के जरिए होनी जरूरी होगी।

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इस एजेंसी की शुरुआत CARE Ratings और NSE ने मिलकर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की है। इससे निवेशकों को सही, साफ और भरोसेमंद डेटा मिल सकेगा।

रिटर्न क्लेम की होगी पहले जांच फिर विज्ञापन

बाजार में कई बार कंपनियां विज्ञापनों में बढ़ा-चढ़ाकर रिटर्न का दावा करती हैं। कई लोग उन दावों पर भरोसा करके निवेश कर देते हैं और बाद में नुकसान झेलते हैं। PaRRVA की शुरुआत के बाद अब ऐसा नहीं होगा।

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अब नियम है कि:

किसी भी रिटर्न दावे का पहले PaRRVA से वेरिफिकेशन होगा

वेरिफिकेशन के बाद ही ऐड या प्रमोशन जारी किया जा सकेगा

बिना जांच के अब रिटर्न आधारित मार्केटिंग करना मुश्किल होगा

यह कदम निवेशकों को गलत जानकारी से बचाने के लिए उठाया गया है।

फिनफ्लुएंसर्स पर भी लगेगी लगाम

SEBI ने कहा कि पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया पर फिनफ्लुएंसर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। इनमें से कई बिना रजिस्ट्रेशन के निवेश सलाह देते हैं और पिछले रिटर्न के गलत दावे दिखाकर लोगों को आकर्षित करते हैं।

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SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने बताया कि इस नई व्यवस्था से फर्जी रिटर्न दिखाकर लोगों को फंसाने की कोशिशें कम होंगी, निवेशकों के हितों की बेहतर सुरक्षा होगी, मार्केट में विश्वसनीयता और पारदर्शिता बढ़ेगी।

निवेशकों के लिए क्यों जरूरी है यह सिस्टम?

PaRRVA से निवेशकों को बड़े फायदे मिलेंगे:

निवेश करने से पहले दावों की वास्तविकता पता चलेगी

गुमराह करने वाले विज्ञापनों से बचाव होगा

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रजिस्ट्रेशन के बिना सलाह देने वालों की पोल खुलेगी

बाजार में पारदर्शिता मजबूत होगी

SEBI का यह कदम निवेशकों को सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल देने की दिशा में बड़ा सुधार माना जा रहा है।