अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने मार्केट रेगुलेटर SEBI की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इस पर अब माधबी पुरी बुच और उनके पति ने साझा बयान जारी किया है, जिसमें दोनों ने हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों का खंडन किया है. साथ ही कहा कि हमारा जीवन और वित्तीय स्थिति एक खुली किताब है.

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हिंडनबर्ग रिसर्च ने 10 अगस्त को माधबी पुरी बुच और धवल बुच पर अदानी घोटाले से जुड़ी ऑफशोर फर्म में हिस्सेदारी रखने का आरोप लगाया. बरमूडा और मॉरीशस के इन फर्म पर कथित तौर पर गौतम अडानी के बड़े भाई विनोद अडानी का कंट्रोल है. ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि इन फंड्स का इस्तेमाल शेयर प्राइसेज में हेरफेर करने के लिए किया गया था.

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हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों पर बुच का जवाब

अमेरिकी कंपनी की ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि SEBI चेयरपर्सन और उनके पति ने इन ऑफशोर फंड्स में अपनी हिस्सेदारी छिपाई हुई थी. यह बात SEBI की अदानी ग्रुप में संदिग्ध ऑफशोर शेयरहोल्डर्स के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई करने की अनिच्छा को भी स्पष्ट कर सकती है. ये फंड कथित तौर पर फाइनेंशियल हेरफेर के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक जटिल संरचना का हिस्सा थे.

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शॉर्ट सेलर कंपनी के आरोपों पर माधबी पुरी बुच और धवल बुच ने 11 अगस्त की सुबह 1:40 बजे अपना साझा बयान जारी किया. उन्होंने आरोपों को सिरे से नकार दिया और उन्हें निराधार और सत्य से रहित बताया. बयान में उन्होंने कहा कि 10 अगस्त 2024 को हिंडनबर्ग रिपोर्ट में हमारे खिलाफ लगाए गए आरोपों के संदर्भ में हम यह बताना चाहेंगे कि हम रिपोर्ट में लगाए गए निराधार आरोपों और आक्षेपों का दृढ़ता से खंडन करते हैं.

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उचित समय पर जारी करेंगे डीटेल्ड स्टेटमेंट

जारी बयान में माधबी पुरी बुच और धवल बुच ने पारदर्शिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी वित्तीय दस्तावेज का खुलासा करने में कोई हिचकिचाहट नहीं है. इसमें वे दस्तावेज भी शामिल हैं, जब वे निजी नागरिक थे. साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया है कि सभी आवश्यक खुलासे पहले ही SEBI को सालों से प्रस्तुत किए जा चुके हैं.

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उन्होंने कहा कि इसके अलावा हम ठीक समय पर एक डीटेल्ड स्टेटमेंट भी जारी करेंगे. इसके अलावा बयान में सेबी के उनके खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई के बाद चरित्र हनन का प्रयास करने के लिए हिंडनबर्ग रिसर्च की आलोचना भी की है.

बता दें कि हिंडनबर्ग रिसर्च 2023 में अदानी ग्रुप पर अपनी पिछली रिपोर्ट के लिए जानी जाती है. उनके नए नोट में माधबी पुरी बुच और उनके पति पर पैसे की हेराफेरी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ऑफशोर फर्म में हिस्सेदारी रखने का आरोप लगाया गया है. इन आरोपों ने काफी विवाद खड़ा कर दिया है. फिलहाल तो विवाद जारी है क्योंकि दोनों पक्ष अपनी-अपनी स्थिति पर अड़े हुए हैं. इस मामले पर आगे स्पष्टता के लिए माधबी पुरी बुच और धवल बुच द्वारा दिए गए विस्तृत बयान का इंतजार है.