Scholarship : विदेश मे पढ़ाई करने का सपना लगभग सभी युवाओं का होता है। लेकिन विदेश में पढ़ाई के लिए युवाओं की सबसे बड़ी परेशानी पढ़ाई का खर्चा होता है। बहुत सारे छात्र काफी प्रतिभावान होते हैं, लेकिन विदेश में पढ़ाई करने के लिए खर्चा को उठाने में सक्षम नहीं होते है। इसी कारण में पढ़ाई करने के लिए विदेश नहीं जा पाते है। ऐसे स्टूडेंट्स के लिए स्कॉलरशिप काफी बड़ी राहत लेकर आती है। स्कॉलरशिप कई प्रकार की होती हैं, यह जो स्कॉलरशिप होती है, स्टूडेंट्स को विदेश में पढ़ाई के मौके के साथ विदेश में होने वाले खर्चे को भी कवर करती हैं। ऐसे स्टूडेंट्स जो विदेश में जाकर हायर एजुकेशन प्राप्त करना चाहते हैं उनको भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय वित्तीय सहायता मुहैया कराता है। शिक्षा मंत्रालय मंत्रालय की तरफ से स्टूडेंट्स को कई तरह की स्कॉलरशिप दी जाती हैं। अगर स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप पाना है, तो फिर इसके लिए वे मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते है। आज हम आपको शिक्षा विभाग को तरफ से मुहैया कराई जाने वाली स्कॉलरशिप के बारे में जानकारी दे रहे है, तो चलिए जानते है इसके बारे में सारी डिटेल।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के द्वारा नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप मुहैया कराई जाती है। यह अनूसूचित जाति, घुमंतू जनजातियों भूमिहीन खेतिहर मजदूर, पारंपरिक कारीगर कैटेगरी से आने वाले लोग है उनको यह स्कॉलरशिप दी जाती है। यह स्कॉलरशिप उन स्टूडेंट्स को दी जाती है। जो विदेश में जाकर मास्टर डिग्री और पीएचडी प्राप्त करना चाहते है। अगर आप इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करना चाहते है, तो फिर इसके लिए आपको इसकी आधिकारिक वेबसाइट एनओएसएमएसजेई डॉट जीओवी डॉट इन पर जाना होगा। स्कॉलरशिप के फॉर्म पर आपको सभी जानकारी जैसे पर्सनल डिटेल्स, कोर्स का नाम और इसके साथ ही आपको विदेश यूनिवर्सिटी के नाम का भी जिक्र करना होगा। इसके साथ ही आपको प्रूफ के लिए कई सारे दस्तावेजों की भी जरूरत होगी। उम्मीदवारों के कम से कम 60 प्रतिशत से ज्यादा मार्क्स होने चाहिए।
अगर कोई स्टूडेंट्स है जो अनूसूचित जनजाति से आते है, उनके लिए भी विदेश में जाकर पढ़ाई करने का मौका है। जनजातीय कार्य मंत्रालय के द्वारा नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप योजना चलाई जाती है। इसमें अगर छात्रों को आवेदन करना है, तो फिर इसके लिए उम्मीदवारों को ओवरसीज डॉट ट्राइबल डॉट जीओवी डॉट इन पर जाकर आवेदन करना होगा। हर वर्ष 20 स्टूडेंट्स को यह स्कॉलरशिप दी जाती है। यह स्कॉलरशिप विदेश में मास्टर डिग्री, पीएचडी और पोस्ट-डोक्टोरल कोर्स करने के लिए दी जाती हैं।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की तरफ से ओवरसीज विजिटिंग डोक्टोरल फेलोशिप प्रोग्राम मुहैया कराया जाता है। यह फेलोशिप स्टूडेंट्स को विदेश में पीएचडी करने के लिए दी जाती है। यह फेलोशिप केवल भारतीय स्टूडेंट्स को दी जाती है।
स्कॉलरशिप अल्पसंख्यक स्टूडेंट्स के लिए
जो अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय है। वो पढ़ो परदेश स्कीम मुहैया कराता है। इसके लिए अगर उम्मीदवार को अधिक जानकारी चाहिए, तो फिर इसलिए आधिकारिक वेबसाइट माइनोरिटी अफेयर्स डॉट जीओवी डॉट इन पर जा सकते है। इसके तहत विदेश में पढ़ाई के लिए लिए गए जो लोन हैं उसको माफ करने की स्कीम हैं।
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