SBI फंड्स मैनेजमेंट (SBIFM) की लिस्टिंग ने एसेट मैनेजमेंट सेक्टर में नई जान फूंक दी है। अब ट्रेडर्स की नजरें HDFC AMC और निप्पॉन (Nippon) पर टिकी हैं, ताकि वे अगले मूव का अंदाजा लगा सकें। इस नई लिस्टिंग से भारतीय शेयर बाजार के फंड मैनेजमेंट स्पेस में और गहराई आई है।

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कल की शानदार लिस्टिंग के बाद मार्केट एक्सपर्ट्स आज ओपनिंग रेंज और वॉल्यूम पर करीब से नजर रख रहे हैं। मौजूदा प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो को देखें तो HDFC AMC और निप्पॉन आज प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। वैल्यूएशन में दिख रहा यह अंतर बड़े और रिटेल ट्रेडर्स के लिए 'पेयर-ट्रेड' के अच्छे मौके बना सकता है।

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SBIFM के ट्रेंड्स और HDFC AMC के ट्रेड सेटअप का विश्लेषण

टेक्निकल एनालिस्ट्स की सलाह है कि SBIFM को उसकी ओपनिंग रेंज से ऊपर खरीदें, लेकिन स्टॉप लॉस का सख्ती से पालन करें। वहीं HDFC AMC के लिए चार्ट पर इंट्राडे रेजिस्टेंस हालिया 'स्विंग हाई' के करीब दिख रहा है। नए ट्रेंड की पुष्टि के लिए ट्रेडर्स को शुरुआती एक घंटे के दौरान वॉल्यूम में आने वाले उछाल पर ध्यान देना चाहिए।

ऑप्शंस डेटा के मुताबिक, इंडेक्स में शामिल होने की खबरों के बीच टॉप एसेट मैनेजर्स के शेयरों में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) बढ़ सकती है। MSCI और FTSE जैसे इंडेक्स समय-समय पर लार्ज-कैप फाइनेंशियल शेयरों के वेटेज की समीक्षा करते रहते हैं। स्ट्रैडल्स (Straddles) में हाई ओपन इंटरेस्ट इस बात का संकेत है कि मार्केट मेकर्स को कीमतों में बड़े उतार-चढ़ाव की उम्मीद है।

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निप्पॉन और UTI AMC शेयरों में 'कनविक्शन ट्रेड्स'

मार्केट में सात ऐसे ट्रेड्स हैं जिन पर एक्सपर्ट्स का भरोसा (High-conviction) काफी ज्यादा है। इनमें SBIFM और HDFC AMC को अहम सपोर्ट लेवल पर खरीदने की सलाह शामिल है। शुरुआती कारोबार में भारी वॉल्यूम को देखते हुए निप्पॉन के टारगेट प्राइस बढ़ा दिए गए हैं। वहीं, UTI AMC अभी भी एक सुरक्षित (डिफेंसिव) दांव बना हुआ है, जहां फोकस स्टेबल यील्ड और वैल्यूएशन पर है।

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शेयर का नामट्रेड सेटअपस्टॉप लॉस
SBIFMब्रेकआउट पर खरीदें2% नीचे
HDFC AMCटारगेट 26802550
Nipponटारगेट 380340
UTI AMCधीरे-धीरे खरीदें (Accumulate)880

AMC सेक्टर के शेयरों में लंबी अवधि के लिए निवेश करने से पहले निवेशकों को अर्निंग गाइडेंस (Earnings Guidance) जरूर देखनी चाहिए। SBIFM जैसे नए शेयरों के लिए लिस्टिंग के दिन का हाई लेवल अक्सर मजबूत सपोर्ट का काम करता है। ट्रेड वॉल्यूम पर नजर रखने से यह सुनिश्चित होता है कि आपकी एंट्री बड़े संस्थागत निवेशकों (Institutions) के सेंटिमेंट के साथ मेल खा रही है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है।