नई दिल्ली, सितंबर 27। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने देश के 76वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक नई फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम "उत्सव डिपॉजिट" शुरू की थी। इस खास एफडी स्कीम पर 6.1 प्रतिशत ब्याज दर ऑफर की जा रही है। एसबीआई की यह स्कीम 30 अक्टूबर 2022 तक चलेगी। यानी आज के बाद केवल 3 दिन ही आप इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं। इसका मुकाबला पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट (टीडी) से हो रहा है। जानते हैं इन दोनों में से किस स्कीम में ज्यादा फायदा है।
1,000 दिनों की अवधि वाली एसबीआई की इस स्पेशल एफडी पर बैंक 6.10 फीसदी प्रति वर्ष की ब्याज दर की पेशकश कर रहा है। वरिष्ठ नागरिकों को रेगुलर दर से अतिरिक्त 50 आधार अंक (0.50 फीसदी) का लाभ मिलेगा। इसका मतलब है कि ये खास डिपॉजिट उन्हें 6.5 फीसदी की ब्याज दर दिलाएगी।
एसबीआई अपने सामान्य ग्राहकों को 2.90 फीसदी से 5.65 फीसदी प्रति वर्ष और वरिष्ठ नागरिकों को 3.40 फीसदी से 6.40 फीसदी प्रति वर्ष की एफडी ब्याज दर की पेशकश कर रहा है। एसबीआई भी अन्य बैंकों की तरह 7 दिनों से 10 वर्ष तक की अवधि के लिए एफडी ऑफर करता है। वहीं एसबीआई की टैक्स सेविंग एफडी सामान्य ग्राहकों के लिए 5.65 फीसदी प्रति वर्ष और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.45 फीसदी ब्याज दर ऑफर करती है। बैंक की नयी एफडी दरें 13 अगस्त 2022 से लागू हुई हैं। आगे जानिए पोस्ट ऑफिस की टीडी के बारे में।
पोस्ट ऑफिस टीडी, जिसे डाकघर की सावधि जमा (एफडी) के नाम से भी जाना जाता है। इसमें न्यूनतम जमा मूल्य 1000 रु है, जबकि कोई अधिकतम सीमा नहीं है। एक साल, दो साल और तीन साल की इस सावधि जमा पर ब्याज दर 5.5 फीसदी पेश की जा रही है। इस बीच, पांच साल की सावधि जमा पर ब्याज दर 6.7 फीसदी है। पांच साल के टीडी के लिए आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये का टैक्स बेनेफिट भी है।
इंडिया पोस्ट के अनुसार, 10,000 रुपये की जमा राशि पर एक से तीन साल की सावधि जमा पर वार्षिक ब्याज 561 रुपये मिलेगा। वहीं पांच साल की टीडी पर 10,000 रुपये जमा कनरे पर सालाना ब्याज 687 रुपये होगा। बता दें कि अगस्त में आरबीआई की रेपो दर में बढ़ोतरी के बाद, सभी प्रमुख बैंकों ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अपनी एफडी पर ब्याज दरों में वृद्धि की है।
पोस्ट ऑफिस में टीडी खाता खोलने के समय, आप मैच्योरिटी की तारीख के एक्सटेंशन के लिए अनुरोध कर सकते हैं। एक 1 साल के खाते को मैच्योरिटी के 6 महीने के भीतर बढ़ाया जा सकता है, जबकि अन्य के लिए संबंधित अवधि 12 महीने (2 साल के लिए) और 18 महीने (3 और 5 साल के लिए) के भीतर होती है। राशि जमा करने की तारीख से कम से कम 6 महीने के बाद ही निकाली जा सकती है।
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