नई द‍िल्‍ली: देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (जीएमएस) के तहत 13,212 किलोग्राम घरेलू और संस्थागत सोना जुटाया है। बता दें कि एसबीआई की सालाना रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आयी है। रिपोर्ट के मुताबिक कारोबारी साल 2019-20 में देश के सबसे बड़े बैंक ने 3,973 किलोग्राम गोल्ड जुटाया है। सरकार ने व्यक्तियों और ट्रस्ट के पास पड़े गोल्ड का उपयोग करने के लिए जीएमएस योजना लांच की थी।

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गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम 2015 में हुई थी लांच

बैंक ने पिछले कारोबारी साल में 3,973 किलोग्राम गोल्ड जुटाया। इससे बैंक द्वारा जुटाया गया कुल गोल्ड बढ़कर 13,212 किलोग्राम हो गया। सरकार ने नवंबर 2015 में गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम लांच की थी। इसका मकसद परिवारों और संगठनों के पास पड़े हुए गोल्ड को इकट्‌ठा कर उसे उत्पादक कार्यों में लगाना है। इस योजना का एक अन्य मकसद गोल्ड का आयात घटाना भी है।

बैंक ने सॉवरेन गोल्ड बांड से जुटाया 5,098 किलोग्राम सोना

बैंक ने कहा कि पिछले कारोबारी साल में उसने सॉवरेन गोल्ड बांड (एसजीबी) के जरिये 647 किलोग्राम सोना जुटाया, जिसका कुल मूल्य 243.91 करोड़ रुपए है। इस तरह से सॉवरेन गोल्ड बांड योजना लांच होने के बाद अब तक बैंक ने इस योजना के जरिये 5,098 किलोग्राम गोल्ड (1,561 करोड़ रुपए) जुटा लिया है। सॉवरेन गोल्ड बांड योजना सरकार ने 2015-16 में लांच की थी। इसका मकसद निवेश के लिए फिजिकल गोल्ड की जगह डिजिटल गोल्ड को बढ़ावा देना था। बैंक से आभूषण निर्माता मेटल गोल्ड लोन भी लेते हैं। इससे वे आभूषण बनाते हैं, जिसे घेरलू व विदेशी बाजारों में बेचा जाता है। बैंक ने पिछले कारोबारी साल में आभूषण निर्माताओं को 22,255 किलोग्राम का मेटल गोल्ड लोन दिया था। इसके साथ ही सेल ऑफ गोल्ड योजना के तहत बैंक ने आभूषण निर्माताओं और व्यापारियों को 2,522 किलोग्राम सोना बेचा।

कौन ले सकता है गोल्ड लोन?

आपको बता दें कि एसबीआई से पर्सनल गोल्ड लोन 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्ति के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। व्यक्ति एकल या संयुक्त आधार पर आवेदन कर सकते हैं और उनके पास आय का एक स्थिर स्रोत होना चाहिए। आपको लोन के लिए आय का प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं है।