नई दिल्ली, अगस्त 6। देश के सबसे बड़े और सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने जून तिमाही के वित्तीय नतीजे पेश कर दिए हैं। अप्रैल-जून तिमाही में बैंक ने 6068.08 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जो पिछले साल की समान तिमाही में रहे 6504 करोड़ रु के मुनाफे के मुकाबले 6.7 प्रतिशत कम रहा। विश्लेषकों ने 2022-23 की पहली तिमाही में इसके मुनाफे में दोहरे अंकों की वृद्धि की उम्मीद जताई थी। मगर उल्टे बैंक का मुनाफा घट गया। वहीं जनवरी-मार्च तिमाही के मुकाबले में बैंक के मुनाफे में 33 फीसदी की गिरावट आई है।

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ब्याज इनकम बढ़ी

विश्लेषकों ने एसबीआई के लिए 7,742 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ का अनुमान लगाया था। एसबीआई की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई), जो कि किसी बैंक की इनकम का मुख्य स्रोत है, 31,196 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 27,638 करोड़ रुपये थी। यानी सालाना आधार पर इसकी एनआईआई ने 12.87 प्रतिशत की छलांग लगाई।

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एनपीए में सुधार

वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में एसबीआई का सकल एनपीए अनुपात पिछले साल की पहली तिमाही में 5.32 प्रतिशत से गिर कर 3.91 प्रतिशत रह गया। नेट एनपीए या बैड लोन भी 30 जून 2022 तक गिरकर 1 फीसदी पर आ गया, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 1.77 फीसदी था। कंपनी ने 30 जून 2022 को समाप्त तिमाही तक शुद्ध एनपीए 28,258 करोड़ रुपये की दर्ज की।

एडवांस में बढ़ोतरी

बैलेंस शीट ग्रोथ में एसबीआई के ग्रॉस एडवांस 14.93 प्रतिशत बढ़ कर 29 लाख करोड़ रुपये के हो गये, जो एक साल समान तिमाही में 25.23 लाख करोड़ रुपये थे। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 37.20 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले कुल जमा 8.73 प्रतिशत बढ़ कर 40.45 लाख करोड़ रुपये हो गयी। बैंक के रिटेल पर्सनल एडवांस भी 18.58 प्रतिशत बढ़ कर 10.34 लाख करोड़ रुपये हो गये, जो कि पिछले साल समान तिमाही में 8.72 लाख करोड़ रुपये थे। चालू और बचत खाता जमा 6.5 प्रतिशत बढ़कर 17.67 करोड़ रुपये हो गया। तिमाही के लिए घरेलू जमा में 8.05 प्रतिशत की वृद्धि हुई।