नई दिल्ली, मई 5। म्यूचुअल फंड एक ऐसा निवेश ऑप्शन है, जहां आप छोटी-छोटी रकम निवेश करके एक बड़ा फंड बना सकते हैं। साथ ही आप छोटी राशि पर अच्छा मुनाफा भी कमा सकते हैं। जरूरी नहीं कि आपके पास बहुत अधिक पैसा हो। आप किसी फंड हाउस के एनएफओ (न्यू फंड ऑफर यानी नयी स्कीम) में कुछ हजार रु भी लगा सकते हैं। इसके बाद आराम से हर महीने एसआईपी के जरिए थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा कर सकते हैं। ऐसा ही एक मौका एसबीआई म्यूचुअल फंड लाया है। एसबीआई म्यूचुअल फंड ने एसबीआई निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स फंड की शुरुआत की है। इसमें आप 11 मई तक निवेश कर सकते हैं।
एसबीआई निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स फंड में आप कम से कम 5000 रु भी निवेश कर सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये एक इंडेक्स फंड है। इसलिए ये फंड निफ्टी 50 के शेयरों में निवेश करेगा। यानी शेयर बाजार की तेजी से आपको भी फायदा होगा। आप सिर्फ 5000 रु लगा कर भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। इसके बाद हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा एसआईपी के जरिए निवेश किया जा सकता है।
इंडेक्स फंड किसी विशेष शेयर बाजार सूचकांक में निवेश करते हैं। जैसे कि एसबीआई निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स फंड एनएस के निफ्टी में निवेश करेगा। इस इंडेक्स में 50 कंपनियां हैं। ये कंपनियां बढ़िया प्रदर्शन करेंगी तो इंडेक्स ऊपर जाएगा और आपको मुनाफा होगा। अगर ये 50 कंपनियां कमजोर प्रदर्शन करती हैं तो आपको भी नुकसान होगा। जानकार नए निवेशकों को इंडेक्स फंड में ही निवेश की सलाह देते हैं।
एक्सपर्ट्स इस फंड में निवेश की सलाह दे रहे हैं। क्योंकि एसबीआई के इस फंड को रवि प्रकाश शर्मा संभालेंगे। उन्होंने कई फंड संभाले हैं और उन सभी ने बढ़िया रिटर्न दिया है। उनके द्वारा संभाले जाने फंड्स में एसबीआई-ईटीएफ गोल्ड, एसबीआई निफ्टी इंडेक्स फंड, एसबीआई-ईटीएफ सेंसेक्स, एसबीआई गोल्ड फंड, एसबीआई-ईटीएफ निफ्टी बैंक, एसबीआई-ईटीएफ बीएसई 100, एसबीआई ईटीएफ निफ्टी नेक्स्ट 50, एसबीआई-ईटीएफ निफ्टी 50, एसबीआई ईटीएफ सेंसेक्स निफ्टी 50, एसबीआई ईटीएफ क्वालिटी और एसबीआई इक्विटी मिनिमम वेरिएंट फंड शामिल हैं।
जैसा कि हमने बताया कि इस फंड में एसआईपी के जरिए हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा निवेश कर सकते हैं। इसलिए ये स्कीम उन लोगों के लिए बेस्ट है, जो एक साथ पैसा नहीं लगा सकते और डायरेक्ट शेयर बाजार में पैसा लगाने से कतराते हैं। वैसे भी नए निवेशके के लिए डायरेक्ट शेयर बाजार में निवेश करना जोखिम वाला कदम है।
एक बात जान लीजिए कि हर म्यूचुअल फंड कैटेगरी का जोखिम अलग-अलग होता है। आप सामान्य पैमाने या सामान्य पैरामीटर के आधार पर यह नहीं मान सकते कि किसी विशेष म्यूचुअल फंड कैटेगरी में अधिक या कम जोखिम है। निश्चित रूप से यदि आप डायरेक्ट इक्विटी में निवेश करते हैं, तो इसकी तुलना में इक्विटी म्यूचुअल फंड में कम जोखिम होता है। लेकिन हर म्यूचुअल फंड कैटेगरी से जुड़ा जोखिम अलग होता है। इसलिए निवेश से पहले म्यूचुअल फंड स्कीम के रिस्कोमीटर को चेक करें।
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