SBI to issue Bond : भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने फंड जुटाने का निर्णय लिया है। स्टेट बैंक इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड जारी करके 10,000 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रहा है। SBI ने रेगुलेटर को इस संबंध में जानकारी दी है। बैंक ने जानकारी देते हुए बताया है कि फिस्कल ईयर 2023 में बैंक इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड (Infrastructure Bond) इश्यू के माध्यम से फंड जुटाएगा।

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4 महीने बाद जारी हो सकता है इश्यू

फिस्कल ईयर 2023 को समाप्त होने के लिए मात्र 4 महीने बचे हुए हैं। इसके बाद बैंक 10,000 करोड़ रुपए का फंड जुटाने के लिए इश्यू जारी कर सकता है। एसबीआई जो इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड जारी करेगा। उसमें 5000 करोडं रुपए का ग्रीनशू (Greenshoe) जारी होगा। SBI ने रेगुलेटर को बताया है कि यह बॉन्ड प्राइवेट प्लेसमेंट या पब्लिक इश्यू के माध्यम से जारी किया जाएगा।

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बैठक में होगा फैसला

SBI की सेंट्रल बोर्ड एग्जीक्यूटिव कमिटी की बैठक 29 नवंबर को होनी तय है। बैंक इस बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड के जरिए फंड जुटाने के फैसले पर चर्चा करेगा। SBI के चेयरमैन दिनेश खारा ने 23 नवंबर को बताया था कि बैंक का लोन ग्रोथ बढ़ने के बाद भी बैंक अपनी एसेट क्वालिटी को बेहतर बनाए रखने में कामयाब होगा।

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घटा है एशबीआई का कारोबार

जुलाई-सितंबर तिमाही में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का ग्रॉस NPA घटा था। ग्रॉस एनपीए घटकर 3.52 प्रतिशत हो गया है। बैंक का ग्रॉस NPA फिस्कल ईयर 2023 की पहली तिमाही में 3.91 प्रतिशत रहा था। फिस्कल ईयर 2022 की दूसरी तिमाही में बैंक का ग्रॉस एनपीए 4.9 प्रतिशत था। बैंक के नेट एनपीए में भी कमी आई है। यह घटकर सितंबर 2022 तिमाही में 0.8 प्रतिशत रहा है। नेट ग्रॉस एनपीए जून 2022 तिमाही में 1 प्रतिशत और सितंबर 2021 तिमाही में 1.52 प्रतिशत के स्तर पर था। बैंक ने जानकारी देते हुए बताया है कि फिस्कल ईयर 2023 में बैंक इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड (Infrastructure Bond) इश्यू के माध्यम से फंड जुटाएगा।

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