नई दिल्ली: देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक एसबीआई अपने ग्राहकों की मदद के लिए हर संभव कोशिश करते रहता है। एसबीआई ने देश के करोड़ों ग्राहकों को बड़ी सुविधा दी है। अब उसके ग्राहक घर बैठे बड़ी ही आसानी से अपने खाते में नॉमिनी यानी अपने उत्तराधिकारी का नाम जुड़वा सकते हैं। बता दें कि बैंक ने इस प्रोसेस को ऑनलाइन कर दिया है। इस बात की जानकारी एसबीआई ने ट्वीट के जरिए दी है। तो अगर अगर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में आपका सेविंग या करेंट अकाउंट है, फिक्स्ड या रेकरिंग डिपॉजिट है तो घर बैठे नॉमिनी को रजिस्टर किया जा सकता है। चलिए आपको बताते हैं कि आप कैसे खाते में नॉमिनी के नाम को जुड़वा सकते हैं।
- पहले, तो आप अपनी बैंक शाखा में जाकर अपने खाते से नॉमिनी का नाम जुड़वा सकते हैं।
- दूसरा, आप एसबीआई के नेट बैंकिंग सुविधा के जरिए भी यह काम कर सकते हैं।
- तीसरा यह कि आप एसबीआई मोबाइल बैंकिंग के जरिए भी अपने खाते में नॉमिनी का नाम जुड़वा सकेंगे।
बैंक ने ट्वीट के जरिए दी जानकारी
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने ट्वीट में लिखा है कि हमारे पास एक अच्छी खबर है। नॉमिनी का नोम जोड़ने के लिए अब एसबीआई के ग्राहक हमारी ब्रांच में जाकर या अपनी वेबसाइट http://onlinesbi.com पर जाकर लॉग इन कर सकते हैं।
- पहले योनो लाइट एसबीआई ऐप पर लॉगिन करना है।
- होम बटन पर क्लिक कर सर्विस रिक्वेस्ट विकल्प पर क्लिक करना है।
- सर्विस रिक्वेस्ट पर क्लिक करने पर जो पेज खुलेगा वहां ऑनलाइन नॉमिनेशन का विकल्प दिया गया है।
- क्लिक करने पर अकाउंट डिटेल सलेक्ट करना है और नॉमिनी की पूरी जानकारी अपडेट करनी है।
- नॉमिनी के साथ रिलेशनशिप की भी जानकारी भी फिल करनी है।
- अगर पहले से कोई नॉमिनी है और उसे अपडेट करना है तो सबसे पहले कैंसिल नॉमिनेशन के जरिए वर्तमान नॉमिनी को कैंसिल करना होगा उसके बाद नए नॉमिनी की पूरी जानकारी भरनी होगी।
इसके अलावा आप onlinesbi.com पर जाकर भी नॉमिनी का नाम अपडेट कर सकते हैं। इस वेबसाइट पर जाने के बाद आपको रिक्वेस्ट एंड इन्क्वॉयरी पर क्लिक करना है। इसके बाद आपको 4 ऑप्शन दिखाई देंगे, जिसमें से आपको ऑनलाइन नॉमिनेशन पर क्लिक करना है। अब आपको नॉमिनी से जुड़ी सभी जानकारी फिल करनी है। जब यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी तो रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी मिलेगा। ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद आपका नॉमिनी का नाम अपडेट हो जाएगा।
वहीं देगा गया है कि नॉमिनी के बारे में लोगों में कई तरह की गलतफहमियां हैं। जानकारी के लिए बता दें कि आप अपना नॉमनी अपने जीवन साथी (पति/पत्नी) अपने बच्चे, आपके माता-पिता, परिवार का कोई और सदस्य या फिर अपने किसी खास मित्र को बना सकते हैं। मालूम हो कि संपत्ति के मालिक की मृत्यु के बाद नॉमिनी का असली रोल होता है। नॉमिनी न होने की स्थिति में पैसे मिलना मुश्किल होता है। नॉमिनी न होने पर पैसे लंबे समय तक अटके रह सकते हैं। उन्हें हासिल करने में कानूनी दांवपेच में लंबा समय निकल जाता है। लेकिन नॉमिनी के रहने पर प्रक्रिया आसान हो जाती है।
- इंश्योरेंस लेते वक्त नॉमिनी की जरूरत होती है। यहां आप एक से ज्यादा नॉमिनी रख सकते हैं। आप अपने माता/पिता, जीवन साथी या बच्चों को नॉमिनी बना सकते हैं। जीवन बीमा में कानूनी वारिस को ही नॉमिनी बनाना बेहतर होता है।
- बैंक में खाता खोलते वक्त आप रिश्तेदार या दोस्त को भी नॉमिनी बना सकते। नॉमिनी जरूरी नहीं कि कोई कानूनी वारिस ही हो। किसी एक व्यक्ति को ही नॉमिनी बना सकते हैं। ज्वाइंट अकाउंट में रकम दूसरे होल्डर को पहले और उसके बाद नॉमिनी को मिलती है।
- निवेश के वक्त भी नॉमिनी बनाना जरूरी है। ध्यान रहें यहां आप सिर्फ एक व्यक्ति को ही नॉमिनी बना सकते हैं। डीमैट अकाउंट में मल्टिपल नॉमिनी नियुक्त कर सकते हैं। यहां नॉमिनी सिर्फ केयरटेकर नहीं, बल्कि मालिक भी होता है। नॉमिनी को कानूनी वारिस को शेयर्स ट्रांसफर नहीं करने होते।
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