नयी दिल्ली। लॉकडाउन में देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने अपने ग्राहकों को एक तगड़ा झटका दिया है। एसबीआई ने रेपो रेट से जुड़ी होम लोन ब्याज दरों में 30 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा किया है। इससे एसबीआई के होम लोन ग्राहकों पर ईएमआई का बोझ बढ़ेगा। इतना ही नहीं एसबीआई ने संपत्ति पर लिए गए पर्सनल लोन पर भी ब्याज दरों में 30 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की है। बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक कोरोनोवायरस महामारी के मद्देनजर उधारकर्ताओं और रियल्टी फर्मों के लिए ऋण जोखिम (Credit Risk) में वृद्धि के संकेत के बीच ब्याज दरें बढ़ाने का फैसला लिया गया है। एक अनुमान के मुताबिक एसबीआई, जो बैंकिंग सेक्टर में मार्केट लीडर है, के इस कदम के बाद अन्य बैंकों द्वारा भी इसी तरह का फैसला लिया जा सकता है।

एसबीआई की नई होम लोन दरें

एसबीआई ने 75 लाख रुपये तक के होम लोन पर ब्याज दरों में 20 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की है। वहीं 30 लाख रु तक के होम लोन पर 7.20 फीसदी के मुकाबले अब 7.40 फीसदी होगी। 30 से 75 लाख रुपये तक के होम लोन पर 7.45 फीसदी के मुकाबले अब 7.65 फीसदी ब्याज दर लगेगी। इसी तरह 75 लाख रुपये से ज्यादा के होम लोन पर 7.55 फीसदी के मुकाबले 7.75 फीसदी ब्याज दर होगी। मैक्सगैन होम लोन कैटेगरी में 30 बेसिस पॉइंट्स की वृद्धि की गई है। मैक्सगैन के 30 लाख रुपये तक के होम लोन की प्रभावी दर अब 7.45 प्रतिशत से बढ़ कर 7.75 प्रतिशत हो गई है।

कितना महंगा हुआ एसबीआई का पर्सनल लोन

एसबीआई ने अपने प्रॉपर्टी पर दिए जाने वाले पर्सनल लोन (पी-एलएपी) पर ब्याज दरों में 30 आधार अंकों का इजाफा किया है। एसबीआई ने 1 अप्रैल 2020 तक 8.90 प्रतिशत की तुलना में अब 1 करोड़ रुपये तक के पी-एलएपी पर ब्याज दर को बढ़ाकर 9.20 प्रतिशत कर दिया है। 1 करोड़ रुपये से अधिक और 2 करोड़ तक के ऐसे लोन पर 9.70 प्रतिशत ब्याज लगेगा, जो अभी तक 9.40 प्रतिशत लगता था। बैंक ने पिछली बार आरबीआई द्वारा रेपो रेट में 75 बेसिस प्वाइंट की कटौती की घोषणा के फौरन बाद 1 अप्रैल 2020 को अपनी एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड लेंडिंग रेट और रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट में बदलाव किया था।

एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड लेंडिंग रेट में बदलाव नहीं

एसबीआई ने इस बार एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड लेंडिंग रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। बैंक की एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड लेंडिंग रेट 7.05 फीसदी पर ही बरकरार है। बाकी बैंक की बढ़ी हुई दरें 1 मई से प्रभाव में मानी जाएंगी। एसबीआई पिछले साल अक्टूबर से प्रॉपर्टी पर पर्सनल लोन और रिवर्स मॉर्गेज सहित होम लोन के अलावा कुछ अन्य लोन नए ग्राहकों को दे रहा है। कोरोना महामारी और उसके बाद लागू हुए लॉकडाउन के मद्देनजर आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ लोगों और कंपनियों की इनकम प्रभावित हुई है। इसके मद्देनजर बैंकों ने कुछ राहत भी दी हैं, मगर कुछ अहतियाती कदम भी उठाए हैं।

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