नई दिल्ली। सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और निजी क्षेत्र के बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने सेविंग बैंक अकाउंट के ब्याज में कटौती कर दी है। एसबीर्आ ने बचत बैंक खातें पर वार्षिक ब्याज दर 0.05 प्रतिशत घटाकर 2.70 प्रतिशत कर दी है। वहीं निजी क्षेत्र के दूसरे सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने बचत खाते पर ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की है।

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31 मई से ही लागू हो गईं एसबीआई में घटी हुई ब्याज दर

एसबीआई ने सेविंग बैंक अकाउंट वार्षिक ब्याज दर को 0.05 प्रतिशत घटाकर 2.70 प्रतिशत कर दिया है। बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के अनुसार बदली ब्याज दरें 31 मई से लागू हो गई हैं। बचत बैंक खाते के लिए बैंक के दो स्लैब तय किए हैं। यह हैं 1 लाख रुपये तक और 1 लाख रुपये से अधिक का। चालू वित्त वर्ष में एसबीआई ने दूसरी बार बचत खाते पर ब्याज दरों में कटौती की है। इससे पहले अप्रैल में बैंक ने सभी स्लैब में बचत बैंक खातें पर ब्याज दर को 0.25 प्रतिशत घटाकर 2.75 प्रतिशत कर दिया था। इसके अलावा बैंक ने 27 मई को सभी परिपक्वता अवधि की खुदरा मियादी जमा दरों में 0.40 प्रतिशत तक की कटौती की थी।

आईसीआईसीआई बैंक ने भी दिया झटका

आईसीआईसीआई बैंक ने शेयर बाजारों को दी अपनी निमायकीय सूचना में कहा है कि उसने 50 लाख रुपये से कम की सभी जमाओं पर ब्याज दर को 0.25 प्रतिशत घटाकर 3.25 से 3 प्रतिशत कर दिया है। 50 लाख रुपये या उससे अधिक की जमा पर ब्याज दर को 3.75 से घटाकर 3.50 प्रतिशत किया गया है। बैंक ने कहा है कि बचत खाते पर नई ब्याज दरें गुरुवार से लागू होंगी। पर्याप्त नकदी की स्थिति के बीच नए कर्ज की मांग कम होने की वजह से बैंक जमा पर ब्याज दरों में कटौती कर रहे हैं।

दो बैंकों कर्ज किया सस्ता

वहीं दो सरकारी बैंकों ने अपने कर्ज की ब्याज दरों में कमी का ऐलान किया है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने अपने रेपो आधारित कर्ज की दरों में कटौती की है। यूनियन बैंक ने एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट में 0.40 प्रतिशत की कटौती की है। इस कटौती के बाद नई दर 6.80 प्रतिशत हो गई है। ये नई दरें सोमवार से लागू हो गई हैं। वहीं पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने आरएलएलआर में 0.40 प्रतिशत की कटौती की है। इसकी वजह से कर्जदारों के ब्याज की दर 7.05 प्रतिशत से घटकर 6.65 प्रतिशत पर आ गई है। इसी तरह बैंक ने एमसीएलआर दर 0.15 प्रतिशत घटाई हैं, जिसके कारण कर्जदारों के लोन के हफ्ते या लोन की अवधि कम करने में मदद मिल सकेगी।