नई दिल्ली: बैंकों में अगर कोई जरूरी कार्य हो तो उसे जल्द ही निपटा लें। याद दिला दें कि 31 जनवरी और 1 फरवरी को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) ने हड़ताल का ऐलान का किया है। वहीं 2 फरवरी को रविवार के कारण बैंक बंद रहेंगे। तो इस तरह कुल 3 दिन लगातार बैंक बंद रहेंगे। इसलिए उस दिन भी आप बैंक का कोई कामकाज नहीं कर पाएंगे। SBI ने जारी किया एलर्ट : कई तरह के ट्रांजेक्शन खतरे में, जानें कैसे बचें ये भी पढ़ें
इसको ही लेकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने ग्राहकों के लिए अलर्ट भी जारी किया है। बता दें कि भारतीय स्टेट बैंक ने बीते कल यानी शुक्रवार को कहा कि 31 जनवरी से शुरू हो रहे 2 दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल से उसके परिचालन पर कुछ असर पड़ सकता है। एसबीआई ने शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को कहा कि उसने सभी दफ्तरों और शाखाओं का सामान्य परिचालन सुनिश्चित करने के हर संभव उपाय किए हैं। हड़ताल से परिचालन पर आंशिक असर पड़ सकता है। बता दें कि यूनियन ने मार्च के महीने में तीन दिन और एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का एलान किया है।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) ने कहा है कि 31 जनवरी और एक फरवरी को बैंकों में हड़ताल रहेगी। वहीं मार्च में 11,12,13 तारीख को भी हड़ताल रहेगी। बैंक यूनियन ने एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की भी घोषणा की है। दिल्ली प्रदेश बैंक कर्मचारी संगठन के महासचिव अश्वनी राणा ने बताया कि इंडियन बैंक एसोसिएशन ने वेतन में 12.5 फीसदी वृद्धि करने का प्रस्ताव दिया है, जो कि मंजूर नहीं है। इसलिए देश भर के सभी सरकारी बैंकों में कार्यरत कर्मचारी हड़ताल रहेंगे। इससे बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
बता दें यूएफबीयू के अंतर्गत आल इंडिया बैंक इम्प्लॉइज एसोसिएशन, आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन, नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक इम्प्लॉइज, आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन, बैंक इम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया, इंडियन नेशनल बैंक इम्प्लॉइज फेडरेशन, इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस, नेशन ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स और नेशन ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स संगठन शामिल हैं। बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल से बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रह सकता है। ऐसे में ग्राहक शाखा से जुड़े जरूरी कामकाज पहले ही निपटा लें, जिससे की आखिरी समय में किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
- बैंक यूनियनों की मांग है कि वेतन में कम से कम 20 फीसदी की वृद्धि की जाए।
- बैंकों में पांच दिन का कार्य दिवस हो।
- बेसिक पे में स्पेशल भत्ते का विलय हो।
- एनपीएस को खत्म कर दिया जाए।
- पेंशन का अपडेशन किया जाए ।
- परिवार को मिलने वाली पेंशन में सुधार।
- स्टाफ वेलफेयर फंड का परिचालन लाभ के आधार पर बांटना।
- रिटायर होने पर मिलने वाले लाभ को आयकर से बाहर करना।
- शाखाओं में कार्यों के घंटे और लंच समय का सही से बटवारा।
- अधिकारियों के लिए बैंक में कार्य के घंटे का नियमतिकरण।
- कांट्रैक्ट और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट के लिए समान वेतन।
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