नई दिल्ली। चीन को लगातार विश्व के देशों से झटके मिल रहे हैं। इसी तरह का एक झटका पाकिस्तन के मित्र देश चीन को सऊदी अरब ने दिया है। सऊदी अरब की कंपनी अरामको ने चीन में 10 अरब डालर का अपना निवेश प्लान अब कैंसिल कर दिया है। सऊदी अरामको का कहना है कि दुनिया में जिस तरह तेल की डिमांड कम हुई है, उसके बाद इस निवेश को कैंसिल करना ही सही फैसला है। हालांकि राजनीति के जानकार सऊदी अरब के इस फैसले को पाकिस्तान के अलावा चीन की विस्तारवादी नीति से जोड़कर भी देख रहे हैं।

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बनना था रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स

सऊदी अरब की कंपनी सऊदी अरामको चीन में 10 अरब डॉलर यानी करीब 75 हजार करोड़ रुपये की डील को खत्म करने के फैसले की घोषणा की है। इस प्लान के अंतर्गत सऊदी अरामको चीन में एक रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स बनाने वाली थी।

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भारत में सऊदी अरामको कर रही है बड़ा निवेश

एक तरफ जहां अरामको चीन में अपनी डील कैंसिल कर रही है, वहीं भारत में बड़ा निवेश कर रही है। अरामको भारत में 44 अरब डॉलर की लागत से एक रिफयनरी बनाने के प्रोजेक्ट से जुड़ी है। अरामको यह निवेश महाराष्ट्र के रत्नागिरी में मेगा रिफाइनरी प्रॉजेक्ट में कर रही है। करीकब 44 अरब डॉलर निवेश की घोषणा अरामको कर चुकी है।

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कुछ दिक्कतें है सऊदी को

इस डील के कैंसिल होने की घोषणा तब हुई है, जब पाकिस्तान आईओसी में फूट डालने की कोशिश कर रहा है। जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान चीन को अपना पक्का मित्र बताता है। ऐसे में सऊदी अरब इस डील को कैंसिल कर पाकिस्तान को भी मैसेज देना चाहता है कि वह उसका विरोध का खेमा ज्वाइन न करे।

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