नई दिल्ली, अगस्त 16। एक के बाद एक राज्य सरकारें अपने सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) बढ़ा रही हैं। इससे सरकारी कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि होगी। अब इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने राज्य के सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता दिया है। इसे लेकर निर्णय ले लिया गया है। राज्य की भूपेश बघेल सरकार ने सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाने का आदेश भी जारी कर दिया है।
छत्तीसगढ़ सरकार के फैसले के बाद राज्य के कर्मचारियों को 22 फीसदी की जगह 28 फीसदी महंगाई भत्ता दिया जाएगा। यानी उनके महंगाई भत्ते में 6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। छत्तीसगढ़ सरकार के कर्मचारियों को बढ़े हुए डीए का भुगतान 1 अगस्त 2022 से किया जाएगा।
मगर मुख्यमंत्री बघेल के महंगाई भत्ता बढ़ाने के फैसले से छत्तीसगढ़ का कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन नाखुश है। फेडरेशन मांग कर रहा है कि डीए को 12 प्रतिशत बढ़ाया जाना चाहिए। इसके लिए फेडरेशन हड़तान कर चुका है। मुख्यमंत्री के फैसले के बाद कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 22 फीसदी से बढ़ कर 28 फीसदी कर दिया जाएगा, जिसके नतीजे में कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी होगी।
इस मामले में फेडरेशन का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिल चुका है। एक रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने केंद्रीय कर्मियों के बराबर 34 फीसदी डीए देने की मांग की। मगर मुख्यमंत्री ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया।
केंद्र सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में इजाफा कर सकती है। डीए के साथ ही फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी को लेकर केंद्रीय कर्मचारी लंबे समय से मांग कर रहे हैं। फिटमेंट फैक्टर अभी 2.57 फीसदी है। इसे बढ़ा कर 3.68 फीसदी करने की मांग हो रही है। कुछ समय पहले सामने आई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि वित्त वर्ष 2022-23 से पहले ही फिटमेंट फैक्टर पर फैसला लिया जा सकता है। बता दें कि फिटमेंट फैक्टर ही केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए बेसिक सैलेरी तय करने का मापदंड है। कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी में इसकी अहम भूमिका होती है। इसकी वजह से केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी होती है। 7वें वेतन आयोग ने जो सिफारिशें कीं उनके मुताबिक केंद्रीय कर्मियों की सैलेरी में बढ़ोतरी भत्तों के अलावा बेसिक सैलरी और फिटमेंट फैक्टर के आधार पर तय होती है। फिटमैंट फैक्टर में बढ़ोतरी से सैलरी में बढ़ोतरी तय है।
माणिक साहा के नेतृत्व वाली त्रिपुरा कैबिनेट ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 5 प्रतिशत बढ़ोतरी का फैसला लिया। ये इस साल 1 जुलाई से पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू होगा। इस फैसले से राज्य सरकार पर 523.80 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक खर्च आएगा। विशेष रूप से नियमित वेतन के अलावा निश्चित वेतन वाले कर्मचारियों को भी सरकार के इस फैसले से लाभ होगा। मगर राज्य सरकार के कर्मचारियों और उनके केंद्र सरकार के समकक्षों के बीच अभी भी 25 प्रतिशत डीए का अंतर रहेगा। वहां की कैबिनेट ने 100 स्टाफ नर्स, 22 फार्मासिस्ट (होम्योपैथी), 25 फार्मासिस्ट (आयुर्वेदिक), 39 ब्लड बैंक प्रयोगशाला तकनीशियन, और 90 बहुउद्देश्यीय पर्यवेक्षकों (पुरुष और महिला दोनों) को हेल्थ एंड वेलफेयर डिपार्टमेंट के तहत निश्चित वेतन के आधार पर भर्ती करने का निर्णय लिया है।
More Articles
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान
- आज खुले 3 बड़े IPO: Indo-MIM, Xtranet और Lohia Corp में निवेश का मौका, जानें क्या है सही रणनीति
- मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके
- Donald Trump की रणनीति से क्यों डरा Share Market? पढ़िए Sharad Kohli का Analysis
- Gold Silver Price: किसमें मिलेगा ज्यादा रिटर्न, Ajay Kedia से समझिए निवेश की पूरी Strategy!
- GPF ब्याज दर 7.1% पर बरकरार: क्या EPF और PPF से बेहतर है आपका निवेश?