Sahara India Group chief Subrata Roy passes away: सहारा इंडिया ग्रुप के प्रमुख सुब्रत रॉय का बीते मंगलवार को निधन हो गया है। उन्होंने मुंबई में आखिरी सांस ली। वह काफी लंबे समय से बीमार थे। उनका मुंबई के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनका पार्थिव शरीर आज लखनऊ लाया जा रहा है, जहां उनका अंतिम संस्कार होगा। लेकिन सहारा में निवेश करने वालों को अब समझ नहीं आ रहा है कि उनका सहारा ग्रुप में फंसा पैसे का अब क्या होगा।
सहारा समूह ने एक बयान जारी कर बताया है कि दुख के साथ हम सहारा इंडिया परिवार के मैनेजिंग वर्कर और अध्यक्ष सुब्रत राय सहारा के निधन की सूचना देते हैं। एक दूरद्रष्टा और प्रेरक व्यक्तिक्त के मालिक सहारा श्री का निधन रात 10.30 बजे कार्डिएक अरेस्ट के कारण हुआ। बयान में कहा गया है कि राय कैंसर से जूझ रहे थे, जो शरीर में फैल गया था। इसके अलावा उन्हें रक्तचाप और मधुमेह की भी समस्या थी। उन्हें 12 नवंबर को तबीयत ज्यादा खराब होने पर कोकिला बेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सुब्रत रॉय सहारा का जन्म 10 जून 1948 को हुआ था। वे भारत के प्रमुख कारोबारी और सहारा इंडिया परिवार के फाउंडर थे। बिहार के अरारिया जिले में जन्मे सुब्रत रॉय ने कोलकाता के होली चाइल्ड स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने राजकीय तकनीकी संस्थान गोरखपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया।
सहाराश्री ने वर्ष 1978 में गोरखपुर से अपना व्यवसाय शुरू किया और सहारा इंडिया परिवार की स्थापना की। आज सहारा समूह हाउसिंग, मनोरंजन, मीडिया, रिटेल और वित्त सेवाओं जैसे तमाम क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सहारा समूह के पास जून-2010 तक लगभग 1,09,224 करोड़ रूपये की परिसंपत्ति थी।
सुप्रीम कोर्ट ने 2012 में सहारा ग्रुप को आदेश दिया था कि वह निवेशकों को ब्याज के साथ उनका पैसा लौटाए। इस आदेश के बाद केंद्र सरकार ने निवेशकों के पैसे वापस देने के लिए सहारा रिफंड पोर्टल शुरू किया था। इस पोर्टल पर आवेदन देने के बाद निवेशकों को उनकी राशि वापस मिल जाएगी। रिफंड के लिए केवल ऑनलाइन ही क्लेम किया जा सकता है। इसके अलावा यह पूरी तरह से निशुल्क है।
वहीं अगर निवेशक को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी आती है तो वह टोल फ्री नंबरों ( 1800 103 6891 / 1800 103 6893 ) पर संपर्क कर सकते हैं। पिछले 11 साल में सेबी ने निवेशकों को 138.07 करोड़ रुपये वापस किये हैं। निवेशकों द्वारा निवेश की गई राशि सेबी के पास है, और यह ऑनलाइन आवेदन करने वाले निवेशकों को ही मिलेगी।
सहारा इंडिया के पतन की शुरुआत प्राइम सिटी के आईपीओ से हुई थी। इस धोखाधड़ी का पता चलने के बाद सेबी ने सहारा इंडिया के सेबी अकाउंट को फ्रीज कर दिया और केस दायर किया। इस केस पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सुब्रत रॉय को दो साल तक तिहाड़ जेल में रहना पड़ा। वह 2016 में पैरोल पर जेल से बाहर आए थे।
सहारा ग्रुप की कंपनियों पर मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कई हजार करोड़ रुपये का निवेशकों का बकाया है। इस पैसे को निवेशकों को वापस किया जाना है, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी यह अभी हो नहीं पाया है।
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