नई दिल्ली, अगस्त 2। विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया आज मजबूती के साथ खुला। आज डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसे की मजबूती के साथ 78.95 रुपये के स्तर पर खुला। वहीं, सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 23 पैसे की मजबूती के साथ 79.02 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। डॉलर में कारोबार काफी समझदारी से करने की जरूरत होती है, नहीं तो निवेश पर असर पड़ सकता है। जब दुनिया में दिक्कतों का दौर कम था, उस वक्त रिजर्व बैंक ने बाजार से भारी मात्रा में डालर की खरीद की थी। यह अलग बात है कि अमेरिका ने उस वक्त भारत की इस रणनीति पर सवाल उठाएं थे, लेकिन आरबीआई की यह रणनीति सफल साबित हुई है। तमाम दिक्कतों के बाद भी डालर के खिलाफ रुपये पर आरबीआई का नियंत्रण बना रहा है।

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जानिए पिछले 5 दिनों के रुपये का क्लोजिंग स्तर

-सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 23 पैसे की मजबूती के साथ 79.02 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
-शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 50 पैसे की मजबूती के साथ 79.25 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
-गुरुवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 15 पैसे की मजबूती के साथ 79.75 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
-बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 12 पैसे की कमजोरी के साथ 79.90 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
-मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 5 पैसे की कमजोरी के साथ 79.78 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।

जानिए रुपये के कमजोर या मजबूत होने का कारण

रुपये की कीमत इसकी डॉलर के तुलना में मांग एवं आपूर्ति से तय होती है। वहीं देश के आयात एवं निर्यात का भी इस पर असर पड़ता है। हर देश अपने विदेशी मुद्रा का भंडार रखता है। इससे वह देश के आयात होने वाले सामानों का भुगतान करता है। हर हफ्ते रिजर्व बैंक इससे जुड़े आंकड़े जारी करता है। विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति क्या है, और उस दौरान देश में डॉलर की मांग क्या है, इससे भी रुपये की मजबूती या कमजोरी तय होती है।

महंगे डॉलर का जानिए आप पर असर

देश में अपनी जरूरत का करीब 80 फीसदी क्रूड ऑयल का आयात करना पड़ता है। इसमें भारत को काफी ज्यादा डालर खर्च करना पड़ता है। यह देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बनाता है, जिसका असर रुपये की कीमत पर पड़ता है। अगर डॉलर महंगा होगा, तो हमें ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है, और अगर डॉलर सस्ता हो तो थोड़ी राहत मिल जाती है। रोज यह उठा पटक डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति को बदलती रहती है।