Gold : ज्वेलर्स का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 2000 रूपये के नोट को चलन से वापस लेने के फैसले के बाद सोने के आभूषणों की बिक्री में मामूली वृद्धि हुई है।
ज्वेलर्स का कहना है कि इस मामूली वृद्धि की तुलना वर्ष 2016 जब 500 रूपये और 1000 रूपये के नोट बंद हुए थे उस वक्त की भीड़ से नहीं की जा सकती है।
आरबीआई के 2000 रूपये के नोट को चलन से वापस लेने के फैसले का असर वर्ष 2016 के 500 रूपये और 1000 रूपये के नोट को वापस लेने की घोषणा से काफी अलग है क्योंकि 2000 रूपये के नोट वैध बने रहेंगे।
ज्वेलर्स के एक शीर्ष निकाय की तरफ से कहा गया है कि साल 2016 के समय जब नोट बैन हुई थी। उस वक्त मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए एक विश्वसनीय इन्वेस्टमेंट के ऑप्शन के रूप में गोल्ड की काफी घबराहट देखी गई थी। जब उसकी कीमत मौजूदा वक्त की कीमत से आधी थी। मगर इस बार परिस्थिति अलग है।
इंडिया बुलियन के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता की तरफ से कहा गया है कि कोई बड़ी भीड़ नहीं है। सिर्फ कस्टमर में मामूली वृद्धि हुई है।
इसके साथ ही उन्होंने इन खबरों का भी खंडन किया है कि कस्टमर रहने के लिए प्रीमियम कीमत अदा कर रहे हैं। उनकी तरफ से यह भी कहा गया है कि इस तरह की घटनाएं एक या दो ऐसी हो सकती है।
सोने की कीमत पहले से ही 60 हजार रु से अधिक है। जबकि वर्ष 2016 में जब 500 रूपये और 1000 रूपये के नोट बंद हुए थे। तब के दौरान यह करीब 30 हजार रु थी।
सरकार के दिशानिर्देशों के मुताबिक, ग्राहक को 50 हजार रु से ज्यादा की खरीदारी के लिए केवाईसी विवरण जमा करने की जरूरत होती है। वही, अगर ग्राहक 2 लाख रु से अधिक की खरीददारी करता है, तो फिर उसको पैन कार्ड जमा करना होता है।
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