Special Coverage: देश के उत्तर-पूर्वी राज्यों के विकास के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही. इसके लिए एक्ट ईस्ट पॉलिसी, अष्ट लक्ष्मी महोत्सव समेत अन्य पहल शुरू किए गए हैं. इस दिशा में नॉर्थ-ईस्ट के 8 राज्यों के विकास के लिए डेवलपमेंट ऑफ नॉर्थ-ईस्ट रीजन (DoNER) मंत्रालय भी राइजिंग नॉर्थ-ईस्ट इनवेस्टर्स समिट ( Rising Northeast Investors Summit 2025) का आयोजन करने जा रहा, जोकि नई दिल्ली के भारतमंडपम में 23 और 24 मई को होगा. DoNER के मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अध्यक्षता में समिट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया गया, जिसमें उत्तर-पूर्वी राज्यों के विकास के लिए रोडमैप, निवेश और अब तक आए प्रपोजल समेत अन्य टॉपिक्स पर बातचीत की गई.
नॉर्थ-ईस्ट के लिए आए जमकर प्रपोजल
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में विकास के लिए 732 प्रपोजल मिल चुके हैं, जिसकी वैल्यू करीब 1.12 लाख करोड़ रुपए है. इसके लिए मुंबई, बैंगलोर, अहमदाबाद, चेन्नई, हैदराबाद समेत 6 शहरों में रोडशो किया गया. उन्होने कहा कि यह रीजन भारत के गेटवे के तौर पर उभरा है. साथ ही साउथ-ईस्ट एशिया को भी कनेक्ट करने का काम कर रही. आगे उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समिट का उद्घाटन करेंगे.
स्टारलिंक को लेकर केंद्रीय मंत्री ने दिया अपडेट
आर्थिक विकास के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट भी जरूरी है. लेकिन नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में भौगोलिक वजहों से चुनिंदा इलाकों में अभी भी इंटरनेट की रफ्तार धीमी है. चुंकि सरकार ने स्टारलिंक को भारत में एंट्री के लिए अप्रुवल दे दी है. तो दूरस्थ इलाकों में आसानी से इंटरनेट की पहुंच बढ़ सकती है. इस पर गुडरिटर्न्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कम्युनिकेशन मिनिस्टर से सवाल किया कि देश के दूरस्थ इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने में स्टारलिंक की भूमिका पर क्या कहेंगे? तो ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जवाब दिया.
उन्होंने कहा कि सैटेलाइट एक कॉम्प्लिमेंट्री टेक्नोलॉजी है. यह अनिवार्य है कि जहां हम लोग टावर लगा सकते हैं, OFC फाइबर ले जा सकते हैं या फिर फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस हो सकता है सही है. लेकिन एक्सेसबिलिटी ना हो चाहे वो उत्तराखंड हो, जम्मू एंड कश्मीर हो, हिमाचल हो या फिर उत्तर-पूर्वी राज्य हो और चाहे देश के वे इलाके जहां कनेक्टिविटी ना हो वहां सैटेलाइट की कनेक्टिविटी होना जरूरी है. उन्होंने स्टारलिंक के संदर्भ में कहा कि हमने 2 लाइसेंस दिए थे. साथ लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) भी जारी हो चुका है. TRAI का अपना असाइनमेंट ऑफ स्पेक्ट्रम टू एडमिनिस्ट्रैटिव असाइनमेंट के नियम निकाले हैं. ऐसे में जल्द ही सैटेलाइट टेक्नोलॉजी हमारे देश में आएगी.
राइजिंग नॉर्थ-ईस्ट इनवेस्टर्स समिट का फोकस
राइजिंग नॉर्थ ईस्ट इनवेस्टर समिट में पर्यटन और आतिथ्य, कृषि-खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, आईटी/आईटीईएस, बुनियादी ढांचा, ऊर्जा और मनोरंजन जैसे क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा. डोनर मंत्रालय पूर्वोत्तर को अवसरों की भूमि के रूप में प्रस्तुत करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है. वैश्विक और घरेलू दोनों तरह के निवेशों को आकर्षित करके और हितधारकों को एक मंच पर लाकर उनका लक्ष्य बुनियादी ढांचे के उन्नयन और कौशल विकास पहलों द्वारा समर्थित व्यवसाय-अनुकूल वातावरण बनाना है.
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