Inflation : वार्षिक खुदरा मुद्रास्फीति मई के महीने में 2 वर्ष के निचले स्तर पर आ गई है, मई के महीने में खुदरा मुद्रास्फीति दर गिरकर 4.25 फीसदी पर आ गई है। जो अप्रैल के महीने में 4.7 फीसदी के स्तर पर थी।

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यह लगातार तीसरा महीना है जब उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति रिजर्व बैंक के 6 फीसदी के कंफर्ट जोन में रही। मुख्य रूप से सब्जियों और अनाज जैसे खाद्य की कीमतों में कमी के साथ-साथ ऊर्जा की कीमतों में कमी की वजह से मुद्रा स्फीति 25 महीने के निचले स्तर पर आ गई है। सोमवार को सरकार की तरफ से जारी एक बयान में यह कहा गया हैं।

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उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक मई के महीने में 2.91 फीसदी पर आ गया जो अप्रैल के महीने में 3.84 फीसदी था। जबकि अगर हम ग्रामीण मुद्रा स्फीति की बात करें तो फिर यह 4.17 फीसदी और शहरी मुद्रा स्फीति 4.27 फीसदी पर रही।

अगर वर्ष खुदरा मुद्रास्फीति की तुलना पिछले सालों से करें तो ये अप्रैल 2022 में 7.79 फीसदी थी। वहीं अगर हम अक्टूबर 2021 की बात करें तो फिर यह अक्टूबर 2021 में ये 4.48 फीसदी थी।

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अप्रैल के महीने में औद्योगिक उत्पादन 4.2 फीसदी बढ़ा

इस वर्ष अप्रैल के महीने में देश का औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) 4.2 फीसदी की दर से बढ़ा है। यह जानकारी सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से मिली है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक अप्रैल 2022 में 6.7 फीसदी बढ़ा था।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी आईआईपी के आंकड़ों के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का उत्पादन अप्रैल 2023 में 4.9 फीसदी बढ़ा। जबकि, हम 1 वर्ष पहले की बात करें, तो फिर यह 5.6 फीसदी था।

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समीक्षाधीन महीने के दौरान खनन उत्पादन में 5.1 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि एक वर्ष पहले की बात करें, तो फिर एक वर्ष पहले की अवधि में यह 8.4 की वृद्धि थी।