नई दिल्‍ली: कोविड-19 महामारी ने चीन की स्थिति को ब‍िलकुल बदल दिया है। एक तरफ इस महामारी ने पूरी दुन‍िया के अर्थव्यवस्था को हि‍ला कर रख द‍िया। वहीं दूसरी ओर इस महामारी ने चीन के ल‍िए एक वरदान के साब‍ित हुआ। चीन साल 2028 में अमेरिका को पछाड़कर दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी बन जाएगा। पहले माना जा रहा था कि चीन 2033 तक इस मुकाम पर पहुंचेगा लेकिन महामारी ने स्थिति के बदल दिया है।

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दरअसल चीन तेजी से इस संकट से बाहर निकल गया जबकि अमेरिकी इकॉनमी अब भी संघर्ष कर रही है। यही वजह है कि चीन अनुमान से 5 साल पहले ही अमेरिका से आगे निकल जाएगा। इस बात की जानकारी सेंटर फॉर इकनॉमिक्स एंड बिजनस रिसर्च (सीईबीआर) ने अपनी सालाना रिपोर्ट में यह दावा किया है।

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महामारी भी चीन के पक्ष में
बता दें कि रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कुछ समय से अमेरिका और चीन के बीच इकनॉमिक और सॉफ्ट पावर संघर्ष चल रहा है। महामारी ने इसे चीन के पक्ष में मोड़ दिया है। चीन ने शुरुआत में ही लॉकडाउन लगाकर महामारी से निपटने में बेहद कुशलता दिखाई जबकि अमेरिका को अब भी संघर्ष करना पड़ रहा है। चीन की इकॉनमी के 2021-25 के दौरान 5.7 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने की उम्मीद है। उसके बाद उसकी रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ेगी। 2026 से 2030 के दौरान यह 4.5 फीसदी रह सकती है।

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लंबे समय अमेरिका की इकॉनमी प्रभावित रहने की आशंका
बता दें कि अमेरिका की इकॉनमी के लंबे समय तक इससे प्रभावित रहने की आशंका है। 2022 से 2024 के बीच देश की आर्थिक रफ्तार 1.9 फीसदी रहने का अनुमान है। उसके बाद यह 1.6 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगी। जापान 2030 के दशक की शुरुआत तक डॉलर टर्म में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बना रहेगा। उसके बाद भारत उससे आगे निकल जाएगा। जर्मनी चौथे से पांचवें नंबर पर खिसक जाएगा। अभी पांचवें नंबर पर मौजूद ब्रिटेन 2024 में छठे स्थान पर खिसक जाएगा।

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