नई दिल्ली, जुलाई 25। बहुत बार आपको जल्दी-जल्दी में ट्रेन पकड़नी होती है और आप इसी वजह से टिकट नहीं ले पाते है और इसी कारण आपको जनरल टिकट में लंबा सफर तय करना पड़ता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए रेलवे यात्रियों को पहले से ही अतिरिक्त शुल्क जमा कर चलती ट्रेन में टिकट लेने या फिर स्लीपर और एसी कोच उपलब्ध होने पर अपग्रेड की सुविधा देता है। हालांकि कई बार कैश न होने की वजह से यात्रियों को परेशानी भी होती हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए रेलवे अपने उपकरणों को अपग्रेड कर रहा है जिससे अब यात्री कहीं पर भी बर्थ मिलने पर बिना कैश की परवाह किए भुगतान कर आगे की यात्रा आसानी से कर सकेंगे।

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अभी तक 36000 पीओएस मशीन में 4जी सिम

भारतीय रेलवे अब टीटी के पास मौजूद पीओएस मशीन में 2जी सिम की जगह 4जी सिम लगा रही है। भारतीय रेलवे के मुताबिक अभी तक 4जी सिम देश भर के 36 हजार से अधिक मशीन में लग चुकी है। इसकी सहायता से यात्री अतिरिक्त किराए का कैश में भुगतान करने की जगह कार्ड के जरिए भी भुगतान कर सकेंगे।

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नए सिस्टम से यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी

ट्रेन में मौजूद टीटी बिना टिकट यात्रा करने वालों या फिर निचले दर्जे का टिकट लेकर ऊंचे दर्जे में सफर करने वालों को अतिरिक्त भुगतान लेकर यात्रा की अनुमति दे सकता है। नए सिस्टम से न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी साथ ही पूरी प्रक्रिया भी तेजी से निपट जाएगी। वहीं नकदी के लेन देन का झंझट भी खत्म होगा।

अगले कुछ महीनों में सभी मशीनों में 4G सिम

लगभग सभी पीओएस मशीन में पहले 2जी सिम लगा हुआ था। ऐसे में भुगतान में समय लगता था वहीं कई बार ऐसा होता था कि यात्रियों के पास कैश न होने पर वो मिल रही सुविधा का लाभ नहीं उठा पाते थे। क्योंकि 2जी सिग्नल की वजह से कार्ड से भुगतान बिल्कुल नामुमकिन के बराबर था। अब डिवाइस में 4जी सिम लगने के साथ ही ये सारी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। आजतक की खबर के अनुसार राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में रेलवे स्टाफ को अपग्रेडेड हैंडहेल्ड डिवाइस पहले ही दिए जा चुके हैं। इसी महीने से मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के टीटी को भी यह मशीने दी जा रही हैं। आने वाले कुछ महीने में सभी मशीनों में 4जी सिम लगा दिए जाएंगे ।