Reliance Shein Partnership: एशिया के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी ने अब चीन की फेमस फैशन कंपनी शीन के साथ पार्टनरशिप कर ली है। दोनों मिलकर भारत में बने कपड़े तैयार करेंगे और उन्हें दुनियाभर में बेचने की योजना बना रहे हैं। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने देश की हजारों फैक्ट्रियों से समझौता कर लिया है और अभी सैकड़ों मैन्युफैक्चरर्स से बातचीत जारी है।

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कपड़ों का प्रोडक्शन बढ़ाने की तैयारी

Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, इसका मकसद है कि भारत में कपड़ों का प्रोडक्शन बढ़े और ज्यादा से ज्यादा स्थानीय सप्लायर्स इससे जुड़ें। अगले एक साल में रिलायंस और शीन मिलकर भारत में बने शीन ब्रांड के कपड़ों को अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों की वेबसाइट्स पर बेचने की तैयारी में हैं। यह साझेदारी मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स को ग्लोबल मार्केट तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

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Shein के साथ जुड़ी है इतनी फैक्ट्रियां

इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए 1000 से ज्यादा भारतीय फैक्ट्रियों को जोड़ा जाएगा। अभी फिलहाल शीन के साथ 150 फैक्ट्रियां जुड़ी हैं और करीब 400 से बातचीत चल रही है।

आपको बता दें कि शीन ने 2018 में भारत में एंट्री की थी, लेकिन 2020 में भारत-चीन तनाव के चलते सरकार ने इस ऐप पर बैन लगा दिया था। इसके बाद फरवरी 2024 में शीन ने रिलायंस के साथ लाइसेंसिंग डील की और एक बार फिर भारत में वापसी की।

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अब SheinIndia.in नाम की वेबसाइट के जरिए भारत में ही बने शीन ब्रांड के कपड़े बेचे जा रहे हैं, जो पूरी तरह से लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस कर रहा है।

रिलायंस और शीन की पार्टनरशिप

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में शीन ऐप काफी तेजी से पॉपुलर हो रहा है। अब तक इसे 27 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है और हर महीने 120% की ग्रोथ देखी जा रही है।

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एक दिलचस्प बात ये है कि लॉन्च के पहले चार महीनों में ही शीन ने 12,000 डिजाइंस अपने ऐप पर पेश किए हैं। वहीं, अमेरिका में कंपनी के पास 6 लाख से ज्यादा डिजाइंस हैं।

रिलायंस को शीन का 'ऑन-डिमांड मैन्युफैक्चरिंग मॉडल' काफी पसंद आया है। इस मॉडल में शुरू में हर डिजाइन के सिर्फ 100 पीस बनाए जाते हैं। अगर ग्राहकों को वो डिज़ाइन पसंद आता है तो उसका प्रोडक्शन बढ़ा दिया जाता है।

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रिलायंस इसी मॉडल को भारत में लागू करना चाहता है। इसके लिए वह इंडियन सप्लायर्स को ट्रेनिंग दे रहा है और जरूरत के मुताबिक नई मशीनें इंपोर्ट करने की भी योजना बना रहा है।

शीन अब अपने सस्ते फैशन प्रोडक्ट्स के लिए भारत को नया मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में जुट गया है। पहले ये सामान मेड इन चाइना के टैग के साथ दुनियाभर में बिकता था, लेकिन टैरिफ जैसी परेशानियों के चलते अब कंपनी भारत में प्रोडक्शन बढ़ा रही है।

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भारत में शीन ने अपने ब्रांड का लाइसेंस रिलायंस को दे दिया है। अब रिलायंस न केवल शीन के कपड़ों का मैन्युफैक्चरिंग कर रहा है, बल्कि उसकी सप्लाई चेन और ओपरेशंस भी संभाल रहा है। इससे 'मेड इन इंडिया शीन' को दुनियाभर के बाजारों तक पहुंचाने की तैयारी चल रही है।