नयी दिल्ली। राइट्स इश्यू में ऑफर किए गए रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर सोमवार 15 जून को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होने जा रहे हैं। रिलायंस का राइट्स इश्यू केवल 42 दिनों में पूरा हुआ। दिग्गज स्टॉक एक्सचेंज बीएसई ने कहा है कि सोमवार 15 जून 2020 से प्रभावी रिलायंस इंडस्ट्रीज की नई सिक्योरिटीज को लिस्ट किया जाएगा और एक्सचेंज पर 'ए' ग्रुप ऑफ सिक्योरिटीज की सूची में ट्रेड करने की अनुमति दी जाएगी। मार्केट कैपिटल के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस ने हाल ही में पूरे हुए राइट्स इश्यू के तहत 11 जून को अपने शेयरधारकों के डीमैट खातों में आंशिक रूप से भुगतान किए गए शेयरों का आवंटन पूरा किया था। इस बात की जानकारी कंपनी ने गुरुवार को स्टॉक एक्सचेंजों को दी थी। कोरोना लॉकडाउन की बाधाओं को पार करते हुए हुए पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आयोजित किए गए राइट्स इश्यू को रिलायंस ने केवल 42 दिनों के भीतर पूरा कर लिया।
अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी, जो एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं, की रिलायंस ने 53,124 करोड़ रुपये का राइट्स इश्यू लाने का ऐलान किया था, जो भारत में अब तक का सबसे बड़ा राइट्स इश्यू रहा। ये पिछले दस वर्षों में किसी नॉन-फाइनेंशियल फर्म द्वारा पेश किया गया दुनिया का सबसे बड़ा राइट्स इश्यू भी रहा। पिछले हफ्ते पूरे हुए इश्यू को निवेशकों ने 1.6 गुना सब्सक्राइब किया, यानी रिलायंस को इश्यू के लिए 84,000 करोड़ रुपये से अधिक के लिए आवेदन मिले। इस इश्यू ने कंपनी में निवेश करने के अवसर का उपयोग करने के लिए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को भी आकर्षित किया। कोरोना मंदी के बावजूद एफपीआई ने रिलायंस के शेयर के लिए आवेदन किया।
स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार 31 जून 2020 को 1,318 की तुलना में 11 जून 2020 को रिलायंस के शेयर रखने वाले एफपीआई की संख्या बढ़कर 1,395 हो गई। इतना ही नहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज में एफपीआई की हिस्सेदारी अब 24.15 प्रतिशत है, जो मार्च 2020 के अंत में 23.48 प्रतिशत थी। बता दें कि रिलायंस ने ऐलान किया था कि शेयरधारकों को कंपनी के 53125 करोड़ रुपये के मेगा राइट्स इश्यू में हिस्सा लेने के लिए सिर्फ 25 फीसदी राशि का भुगतान करना होगा, जबकि बाकी पैसा अगले साल मई और नवंबर में दो किस्तों में चुकाया जा सकता है। 25 प्रतिशत भुगतान किए गए शेयर का आंतरिक मूल्य पूरी तरह से भुगतान किए गए शेयर मूल्य का एक-चौथाई होगा। इस प्रकार यदि पूरी तरह से भुगतान किया गया शेयर 1,600 रुपये पर कारोबार कर रहा है, तो आंशिक रूप से भुगतान किए गए शेयर का आंतरिक मूल्य 400 रुपये होगा।
अकसर बड़ी-बड़ी कंपनियों को भी फंडिंग की जरूरत पड़ जाती है। कंपनियां अपने कारोबार को बढ़ाने, नई संपत्ति खरीदने या कर्ज चुकाने के लिए कई रास्ते अपनाती हैं, जिनमें राइट्स इश्यू शामिल है। राइट्स इश्यू में कंपनी नए शेयरों को सिर्फ अपने मौजूदा शेयरधारकों को ही बेचती है। वैसे कंपनियों के लिए पैसों की आवश्यकता पूरे करने के लिए और भी कई विकल्प होते हैं, जिनमें प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) और फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ) शामिल है। आईपीओ केवल उन कंपनियों के लिए होता है जो स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट न हो और पहली बार निवेशकों को शेयर बेच रही हो। एफपीओ के मामले में, पहले से लिस्टेड कंपनी नए शेयर बेचती है।
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