नई दिल्ली। पैसे पर पैसा कैसे बरसता है, यह रिलायंस जियो के फायदे को देख कर समझा जा सकता है। कुछ समय पहले तक एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया सरकार पर दबाव डाल रहे थे एक फैसला न बदला जाए। हालांकि उस समय रिलायंस जियो चाहती थी कि यह फैसला बदल जाए। लेकिन अपनी बात सरकार से मनवा लेने की छवि रखने वाले रिलायंस ग्रुप की बात इस बार सरकार ने नहीं सुनी। नतीजा यह रहा कि इसे एयरटेल और वोडाफोन की जीत के रूप में देखा गया। यहीं से रिलायंस जियो ने अपनी प्लानिंग बदली और अब उसे करीब 1600 करोड़ रुपये का फायदा होगा। यह फायदा होने में सबसे बड़ी बात यह है कि यह पैसा वह एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया से वसूलेगी। वहीं यह दोनों कंपनियां अब कुछ कह नहीं पा रहीं है, और पहले से ही वित्तीय दबाव झेलने के बाद भी उन्हें यह रिलायंस जियो को भुगतान करना पड़ रहा है।
-आइये जानते हैं क्या है यह मामला।
इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज यानी आईयूसी मामला है यह। रिलायंस जियो शुरू से चाहती थी कि टेलीकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी यानी ट्राई आईयूसी को खत्म कर दे। आईयूसी चार्ज उसे कहते हैं जब एक मोबाइल नेटवर्क की कॉल दूसरे मोबाइल नेटवर्क पर जाती हैं। अगर एयरटेल की कॉल जियो नेटवर्क पर आती है तो, रिलायंस जियो को प्रति मिनट के हिसाब से एयरटेल से 6 पैसे मिलेंगे। अगर यह कॉल जियो से एयरटेल पर जाएगी तो यह पैसा एयरटेल को मिलेगा।
जब रिलायंस जियो चाहती थी कि आईयूसी को हटा दिया जाए तो वोडा और एयरटेल ने इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि यह उनकी कमाई का बड़ा स्रोत है। उस समय रिलायंस जियो अपने ग्राहकों से आईयूसी नहीं वसूलती थी और इस मद में जो भी पैसा होता था, वह ग्राहकों की तरफ से खुद ही भरती थी। लेकिन जब जियो का लगा कि यह चार्ज नहीं हटेगा तो उसने अपने ग्राहकों से आईयूसी का पैसा लेना शुरू कर दिया। ऐसे में उसे अपनी जेब से ग्राहक का बिल नहीं भरना पड़ रहा है। इससे उसे हजारों करोड़ रुपये की बचत होने लगी है।
रिलायंस जियो अब देश की सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी बन गई है। ऐसे में उसके नेटवर्क पर एयरटेल और वोडाफोन नेटवर्क से खूब कॉल आ रही हैं। जैसे-जैसे रिलायंस जियो के ग्राहक बढ़ रहे हैं, उसके नेटवर्क पर कॉल आने की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में अब स्थिति यह बन गई है कि आईयूसी के हिसाब से रिलायंस जियो नेट गेनर बन गई है। इसका मतलब हुआ कि तीनों कंपनियों में से आईयूसी के नाम पर सबसे ज्यादा पैसा जियो को मिल रहा है।
रिलायंस जियो आईयूसी से कितना फायदा होगा, इस बारे में आईएलएफएस सिक्योरिटीज ने अपना एक अनुमान जारी किया है। इसके अनुसार अगले 4 तिमाहियों में आईयूसी से रिलायंस जियो को करीब 16 अरब रुपये का फायदा होगा। जियो को यह पैसा एयरटेल और वोडाफोन से मिलेगा। यानी जितना पैसा रिलायंस जियो वसूलेगी वह एयरटेल और वोडा को देना होगा। फिलहाल ट्राई के नियमों के तहत जनवरी 2021 तक यह व्यवस्था चलेगी। तब तक रिलायंस जियो को डबल फायदा होता रहेगा। एक तो उसे अपने ग्राहकों से आईयूसी का पैसा मिलेगा, दूसरा एयरटेल और वोडा से भी उसे अरबों रुपये मिलेगा।
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