Reliance to launch Campa : रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (आरसीपीएल), एफएमसीजी यूनिट और रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) की फुली सब्सिडरी कंपनी ने गुरुवार को मशहूर बेवरेज ब्रांड कैम्पा के लॉन्च का ऐलान किया है। कैम्पा पोर्टफोलियो में शुरू में स्पार्कलिंग बेवरेज कैटेगरी में कैंपा कोला, कैंपा लेमन और कैंपा ऑरेंज शामिल होंगे। इस ब्रांड का लॉन्च घरेलू भारतीय ब्रांडों को बढ़ावा देने की कंपनी की स्ट्रेटेजी के अनुसार ही है, जिनकी न केवल एक खास विरासत है, बल्कि अपने अनूठे स्वाद और फ्लेवर्स के कारण ये भारतीय उपभोक्ताओं के साथ गहरा जुड़ाव भी रखते हैं।

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एफएमसीजी बिजनेस को मिलेगा बढ़ावा

आरसीपीएल के अनुसार कैम्पा को इसके नए अवतार में पेश करके, उम्मीद है कि नयी पीढ़ी के यूजर्स इस ब्रांड को अपनाने और बेवरेज सेगमेंट में एक नया उत्साह पैदा करने के लिए प्रेरित होंगे। असल में किसी भी परिवार के पुराने सदस्यों के पास कैम्पा की पुरानी सुखद यादें होंगी और ब्रांड से जुड़ी पुरानी यादों को वे संजोए होंगे। अब युवा उपभोक्ता भी उस स्वाद को ले सकेंगे। कंपनी ने कहा है कि तेजी से ग्रोथ कर रहे भारतीय बाजार में खपत के अधिक अवसर हैं, जिससे कैंपा को वापस लाने के लिए वास्तव कंपनी उत्साहित है, जो इसके एफएमसीजी बिजनेस के विस्तार के लिए एक साहसिक कदम है।

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काफी बड़ा है रिलायंस का पोर्टफोलियो

इस लॉन्च के साथ, आरसीपीएल ने अपने डायवर्सिफाई एफएमसीजी पोर्टफोलियो को और मजबूत किया है। इसके पोर्टफोलियो में सोस्यो हजूरी का हेरिटेज ब्रांड, लोटस चॉकलेट्स के कन्फेक्शनरी रेंज, श्रीलंका का प्रमुख बिस्किट ब्रांड मालिबन के साथ-साथ इंडिपेंडेंस और गुड लाइफ सहित खुद के ब्रांड्स शामिल हैं, जिनके तहत दैनिक आवश्यक वस्तुएं शामिल की जाती हैं।

आरआरवीएल के नतीजे
आरआरवीएल ने 31 मार्च, 2022 को खत्म हुए साल में 199,704 करोड़ रु का कारोबार किया और इसका शुद्ध लाभ रहा 7,055 करोड़ रु। कैंपा ब्रांड को खरीदना एफएमसीजी बिजनेस को बढ़ाने के लिए रिलायंस की खास रणनीति का हिस्सा था। बता दें कि रिलायंस दक्षिण के एक लोकप्रिय साबुन, खाद्य तेल और नमकीन ब्रांडों को खरीदने के लिए भी बातचीत कर रही है।

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कैसे हुई कैंपा कोला की शुरुआत

कैंपा कोला को प्योर ड्रिंक्स ग्रुप ने शुरू किया था, जो मूल रूप से कोका-कोला की बॉटलर और डिस्ट्रिब्यूटर थी। जब 1970 के दशक के अंत में कोक को भारत छोड़ने के लिए कहा गया तो कैम्पा कोला का नारा था 'द ग्रेट इंडियन टेस्ट'। इसने पारले के पेय ब्रांड थम्स अप, गोल्ड स्पॉट और लिम्का के साथ बाजार पर पकड़ बना रखी थी। कोका-कोला ने बाद में तीनों पारले ब्रांड्स को तब खरीद लिया, जब इसने भारत में अपनी रीएंट्री की। उसके बाद कैंपा कोला कोक का मुकाबला नहीं कर सकी। प्योर ड्रिंक्स ने कैंपा कोला और ब्रांड को फिर से जीवित करने के लिए कई बार कोशिश की, लेकिन ये फाइनेंशियल ताकत की कमी के कारण अमेरिकी पेय दिग्गजों से मुकाबला करने में विफल रही।