नयी दिल्ली। साल 2020 आने में ज्यादा समय बाकी नहीं है। वैसे नया साल आपकी पूँजी में जोरदार बढ़ोतरी करवा सकता है। अगर आप निवेश करते हैं या नये साल से शुरू करने पर विचार कर रहे हैं तो हम आपको एक बेहतर तरीका बता सकते हैं, जहाँ पैसा लगा कर आपको बेहतर रिटर्न मिल सकता है। अगले साल गोल्ड में निवेश करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। 2019 में भारत में सोना सबसे अच्छा एसेट क्लास रहा। इसमें निवेश करने वालों को शेयरों, फिक्स्ड डिपॉजिट और रियल एस्टेट से भी रिटर्न मिला। जानकारी के लिए बता दें कि सोने में 1 साल का रिटर्न गोल्ड ईटीएफ पर 14 फीसदी के आसपास रहा है। वहीं फिजिकल गोल्ड में ने लोगों को बहुत बेहतर रिटर्न दिया। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रति 10 ग्राम 22 कैरेट सोना 30,650 रुपये था, जो अब मुंबई में 37,100 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इसी तरह 24 कैरेट सोना का रेट 1 जनवरी 2019 को 32,600 रुपये था जो अब बढ़ कर 38,100 रुपये हो गया है।
इस शानदार रिटर्न को देख कर कहा जा सकता है कि गोल्ड सबसे बेहतर एसेट क्लास रहा। गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) जैसे उपकरणों में निवेश करने वाले निवेशकों ने जबरदस्त रिटर्न हासिल किया। वैसे गोल्ड में निवेश से जुड़ी एक जरूरी बात आप जान लें कि फिजिकल गोल्ड यानी सोने के आभूषण वगेरह की जगह गोल्ड के ईटीएफ में निवेश करना ज्यादा बेहतर विकल्प माना जाता है। दरअसल इलेट्रॉनिक फॉम में होने के चलते ईटीएफ को अधिक सुरक्षित माना जाता है। वहीं गोल्ड ईटीएफ में फिजिकल गोल्ड के मुकाबले आप जल्दी पैसा हासिल कर सकते हैं। फिजिकल गोल्ड के मुकाबले गोल्ड ईटीएफ को जल्दी बेचा जा सकता है।
2019 में गोल्ड में जो तेजी देखने को मिली है वो 2020 में भी जारी रह सकती है। इसके कई कारण हैं जैसे कि ज्यादातर केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों में ढील दी गई है, जिससे लिक्विडिटी बढ़ गयी है। इससे सोने की कीमतों में और भी अधिक उछाल आने की संभावना है। दूसरे भारत में यह संभावना है कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होगा। याद रखें जब रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो सोने का आयात महंगा हो जाता है और इसीलिए सोने की घरेलू कीमतें बढ़ जाती हैं। 2020 में रुपये के डॉलर के मुकाबले मजबूत होने के आसार कम हैं।
इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल है कि साल के अंत तक वैश्विक स्तर पर गोल्ड के दाम किस भाव पर रहेंगे। मगर इस समय गोल्ड के भाव में 2010 के बाद सबसे बड़ी तेजी देखने को मिल रही है। एक और खास बात यह है कि आम तौर पर सोना और शेयर विपरीत दिशाओं में चलते हैं, मगर इस साल ये दोनों एक ही दिशा में आगे बढ़े हैं। इसका मतलब है कि सोने की कीमतों के साथ-साथ शेयरों में भी बढ़ोतरी हुई है, जो थोड़ा आश्चर्यजनक है। हालांकि वैश्विक स्तर पर लिक्विडिटी बढ़ने से ऐसा होने होने की संभावना होती है। तो अगर अगले साल आप निवेश करने जा रहे हैं तो गोल्ड को ध्यान में जरूर रखें। क्योंकि शेयर बाजार के मुकाबले जोखिम कम होता है।
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