बजट 2024 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रॉपर्टी निवेशकों के लिए दो बड़े एलान किए थे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि प्रॉपटी बेचते समय लगने वाला एलटीसीजी (LTCG) टैक्स की दर कम कर दी जाएगी. लेकिन दूसरी ओर वित्त मंंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी ऐलान किया कि इंडेक्सेशन बेनिफिट को बंद कर दिया जाएगा. यह बेनिफिट प्रॉपर्टी निवेशकों के लिए काफी फायदेमंद होता है. लेकिन अब यह खबर है कि इंडेक्सेशन बेनिफिट का फायदा निवेशक कुछ समय तक ले सकते हैं.
Real Estate Tax: इंडेक्सेशन बेनिफिट बंद होने की खबर के बाद से ही रियल एस्टेट के निवेशकों बड़ा झटका मिला है. लेकिन अब खबर आ रही है कि सरकार अभी इंडेक्सेशन बेनिफिट का बरकरार रखेगी. यह पता चला है कि सरकार द्वारा इंडेक्सेशन बेनिफिट को बंद करने का प्रस्ताव कुछ समय के लिए टाला जा रहा है.
दरअसल बजट 2024 में किए गए बदलाव अगले वित्त वर्ष यानी 2025-26 से लागू होंगे. इसका मतलब प्रॉपर्टी में निवेश करने वालों के लिए अभी थोड़ा समय बाकि है. रियल इस्टेट के निवेशक 2024 तक इंडेक्सेशन बेनिफिट का फायदा उठा पाएंगे.
क्या होता है इंडेक्सेशन बेनिफिट?
इंडेक्सेशन बेनिफिट को लंबे समय में बाद प्रॉपर्टी बेचने पर लगाया जाता है. या यह भी कह सकते है कि ये प्रॉपर्टी बेचते समय मुनाफे और महंगाई को एडजस्ट करता है. प्रॉपर्टी बेचते वक्त एलटीसीजी टैक्स दिया जाता है, लेकिन टैक्स से पहले इंडेक्सेशन बेनिफिट का इस्तेमाल कर निवेशक अच्छा खासा टैक्स बचा सकते थे.
इंडेक्सेशन बेनिफिट कैलकुलेशन
मान लीजिए साल 2000 में किसी ने 20 लाख रुपये की प्रॉपटी खरीदी थी और इसे 2009 में 35 लाख रुपये में बेच दिया. तो बेचते समय हुए 15 लाख रुपये की हुई कमाई में टैक्स लगाया जाता है. लेकिन टैक्स लगने से पहले इसमें इंडेक्सेशन बेनिफिट लगता है.
15 लाख में से 9,92,288 रुपये इंडेक्सेशन बेनिफिट के रूप में घटा दिए जाएंगे. जिसके बाद बची हुई रकम 5,07,712 रुपये में LTCG टैक्स लगेगा, जो अब 12.5 प्रतिशत है.
LTCG टैक्स कम होने से क्या मिलेगा फायदा?
23 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (LTCG) को लेकर बड़ा ऐलान किया था. बीजेपी सरकार ने एलटीसीजी टैक्स दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया है. इस टैक्स को 7.5 प्रतिशत तक घटाया गया.
लेकिन साथ ही यह भी ऐलान किया कि इंडेक्सेशन बेनिफिट हट जाएंगे. यह कहा जा रहा है कि निवेशकों को जितना बेनिफिट इंडेक्सेशन से मिलता था, उतना एलटीसीजी टैक्स कम होने से नहीं मिलेगा.
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