RBI Gold Loan rules: सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोने और चांदी के खिलाफ लोन देने के निर्देश, 2025 में बदलाव जारी किया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों को कच्चे माल के रूप में सोने का यूज करने वाले निर्माताओं को आवश्यकता-आधारित वर्किंग कैपिटल लोन देने की अनुमति दे दी है। फिलहाल यह प्रोविजन केवल जौहरियों के लिए मौजूद है।

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बैंकों को आम तौर पर किसी भी रूप में सोना/चांदी खरीदने के लिए लोन देने, या प्राथमिक सोना/चांदी की सिक्योरिटी पर लोन देने से बैन किया गया है। हालांकि, आरबीआई ने शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों (एससीबी) को आभूषण विक्रेताओं को वर्किंग कैपिटल लोन देने के लिए छूट दी है। यह संशोधन 1 अक्टूबर, 2025 से उन सभी लेंडर पर लागू होगा।

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RBI के क्या है नियम?

  • बैंक और वित्तीय संस्थान किसी भी रूप में सोना खरीदने के लिए लोन नहीं दे सकते (जिसमें सोने के आभूषण, आभूषण, सिक्के, या स्वर्ण-आधारित वित्तीय परिसंपत्तियाँ जैसे एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) या म्यूचुअल फंड शामिल हैं)।
  • सोने या चांदी, या प्राथमिक सोने या चांदी से समर्थित वित्तीय परिसंपत्तियों (जैसे ETF या म्यूचुअल फंड यूनिट) के बदले लोन देने से भी प्रतिबंधित किया गया है।

फ्लोटिंग और फिक्सड रेट में बदलाव

अब अगर आपने फ्लोटिंग रेट पर लोन लिया है को बैंक आपकी EMI को तीन सल के लॉक-इन-पीरियड से पहले भी कम कर सकते है। इसका सीधा फायदा आपको मिलेगा। साथ ही आपकी EMI कम हो सकती है। इसके साथ ही फिक्सड रेट लोन वाले को भी अब फ्लोटिंग रेट में स्वीच करा का ऑप्शन दिया जा रहा है। आपको बता दें कि आरबीआई ने इसे अनिवार्य नहीं किया है लेकिन बैंक चाहे को यह सुविधा दे सकते हैं।

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छोटे कारोबारियों को होगा फायदा

अब सिर्फ जौहरी ही नहीं बल्कि सभी लोग जो सोना को कच्चे माल के रुप में यूज करते है वे भी गोल्ड के बदले बैंक से लोन ले सकते है। इससे छोटे कारोबारीयों को कामकाजी पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी।