RBI Repo Rate News: आज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक की गई जिस पर एक आम आदमी से लेकर देश के बड़े-बड़े अर्थशास्त्रियों तक सबकी नजर थी। इस दौरान सबकी नजर रेपो रेट, जीडीपी ग्रोथ के अनुमान और महंगाई दर पर सबसे ज्यादा थी। हालांकि उन सभी लोगों की नजर खासतौर से रेपो रेट पर थी, जो खासतौर पर होम लोन या किसी और तरह का लोन लेने का विचार बना रहे हैं। साथ ही फिक्स्ड डिपॉजिट पर भी आपको इंटरेस्ट रेट को लेकर लोगों के मन में दुविधा बनी हुई थी।

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मॉनेटरी कमेटी की मीटिंग के बाद आई रिपोर्ट में पता चला है कि लगातार पांचवीं बार सेंट्रल बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। आमतौर पर महंगाई को कंट्रोल करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा रेपो रेट में बदलाव किया जाता है, लेकिन रिजर्व बैंक के मुताबिक इस समय महंगाई के नियंत्रण में होने के कारण और अर्थव्यवस्था के कई अच्छे पहलुओं को देखते हुए लगातार पांचवी बार रेपो रेट को समान रखा गया है।

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मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट पर जानकारी साझा की, इस दौरान उन्होंने बताया कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वह 6.50 प्रतिशत पर बरकरार है। ऐसा माना जा रहा है कि वित्त वर्ष 24 में भारत की जीडीपी पहले लगाए गए अनुमान से बढ़कर 7 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए गए इन आंकड़ों से अर्थव्यवस्था के और बेहतर और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है, साथ ही महंगाई भी कंट्रोल में रह सकती है, जिस कारण रेपो रेट में बदलाव नहीं किया गया है।

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रेपो रेट समान रहने से कैसे होगा फायदा

सिंपल शब्दों में कहें तो रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर आरबीआई दूसरे बैंकों को कर्ज देता है। बैंक इसी से ग्राहकों को भी लोन देते हैं। रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है, तो जाहिर तौर पर कई तरह के लोन पर लगने वाले ब्याज दरों में भी बढ़ोतरी नहीं होगी। अगर रेपो रेट कम रहती है तो आपको बैंक से मिलने वाले कई तरह के लोन कम इंटरेस्ट रेट पर मिल जाते हैं। इनमें होम लोन और गाड़ी खरीदने के लिए और कई और दूसरी तरह के लोन शामिल होते हैं।

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रेपो रेट का एफडी पर असर

आपको बताते चलें की रेपो रेट का असर फिक्स्ड डिपॉजिट पर भी होता है। अगर रेपो रेट में बढ़ोतरी होती है, तो एफडी पर मिलने वाला ब्याज दर भी उसी हिसाब से बढ़ता है। आमतौर पर जब रेपो रेट बढ़ता है, तो बैंक के फिक्स डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज की दर भी बढ़ती है। ऐसे में रेपो रेट 6.5% पर बरकरार है और उम्मीद लगाई जा रही है की फिक्स्ड डिपॉजिट करने वालों को अभी उस पर मिलने वाला हाई इंटरेस्ट रिटर्न बरकरार रहेगा।

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विशेषज्ञों के अनुसार रेपो रेट में बढ़ोतरी न किया जाना आम जनता के लिए एक बड़ी राहत की बात हो सकती है। इससे लोगों को होम लोन पर बढ़ाने वाले ब्याज की चिंता नहीं रहेगी।

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