भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अगस्त पॉलिसी में रेपो रेट को स्थिर रखा है, जोकि 6.5% है. RBI ने अगस्त में लगातार 9वीं बार दरों को स्थिर रखा है. रेपो रेट की दरें 2018 के बाद से अब तक सबसे ज्यादा है. गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली मौद्रिक समीक्षा कमिटी यानी MPC मीटिंग में शामिल 6 सदस्यों ने दरों स्थिर रखने पर फैसला लिया गया है. भारतीय सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरों को स्थिर रखा है, लेकिन अन्य देशों के सेंट्रल बैंकों की पॉलिसी मीटिंग में किस तरह का रुख अपनाया जा रहा है...चलिए जानते हैं..

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US Fed: अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व ने 31 जुलाई को ब्याज दरों पर ऐलान किया. FOMC मीटिंग में 8वीं बार ब्याज दरों को स्थिर रखा गया, जोकि 5.25% से 5.50% है. ब्याज दरों को लेकर FOMC के फैसले को लेकर वॉल स्ट्रीट का भी यही अनुमान था.

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ECB: यूरोपियन सेंट्रल बैंक ने भी जुलाई पॉलिसी में ब्याज दरों को स्थिर रखा. ECB ने 18 जुलाई को पॉलिसी मीटिंग में दरों को स्थिर रखने का फैसला किया. हालांकि, महंगाई में लगातार गिरावट के चलते सितंबर में कटौती के संकेत दिए हैं.

BoE: बैंक ऑफ इंग्लैंड ने 1 अगस्त को पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरों को घटाने का ऐलान किया है. 4 साल में पहली बार दरों में कटौती की गई, जिससे दरें 5% पर आ गई. पॉलिसी कमिटी में शामिल 5 में से 4 सदस्यों ने दरें घटाने पर सहमत हुई. BoE के गवर्नर एंड्र्यू बैली ने कहा कि कमिटी आगे के लिए सतर्क है. बता दें कि अगस्त 2023 से ब्याज दरें 5.25% पर बरकरार थी, जोकि 16 साल का हाई रहा.

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BoJ: बैंक ऑफ जापान ने 31 जुलाई को पॉलिसी मीटिंग में दरें घटाने का ऐलान किया. इसके तहत दरों में 0.25% की कटौती की गई. हालांकि, शेयर बाजार में तेज करेक्शन को देखते हुए डिप्टी गवर्नर ने कहा कि अगर बाजार में अस्थिरता बरकरार रही तो ब्याज दरें घटाने का फैसला वापस भी लिया जा सकता है.

RBA: ऑस्ट्रेलिया के सेंट्रल बैंक ने 6 अगस्त को खत्म पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरों को होल्ड रखा, जोकि 4.35% पर है. इसके एक दिन पहले वाइल्ड मार्केट स्विंग देखने को मिला, क्योंकि ग्लोबल इकोनॉमी में अरबों डॉलर स्वाहा हो गए.

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Bank of Canada: कनाडा के सेंट्रल बैंक ने अगस्त पॉलिसी में ब्याज दरों में कटौती का ऐलान किया है. बैंक ऑफ कनाडा ने दरें 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है, जोकि अब घटकर 4.5% पर आ गया है. बता दें कि ब्याज दरों में यह लगातार दूसरी बार कटौती की गई है. बैंक ने कहा कि अगर महंगाई में आगे गिरावट देखने को मिली तो दरें और भी घटेंगी.