नई दिल्ली: आरबीआई के शिकंजे में एक और बैंक। भारतीय रिजर्व बैंक ने एक और बैंक के लेन-देन पर पाबंदी लगाई है। आरबीआई ने शुक्रवार को कहा कि उसने कर्नाटक के डेक्कन अरबन को-अपरेटिव बैंक लिमिटेड को नया कर्ज देने या जमा स्वीकार करने से प्रतिबंधित कर दिया है। इस पाबंदी के कारण अब बैंक के ग्राहक 1 हजार रुपये से ज्यादा की रकम अपने बचत खाते से नहीं निकाल पायेंगे। ये हैं टॉप 100 बैंक विलफुल डिफॉल्टर्स, दबाए बैठे हैं 84,632 करोड़ रुपये
जमा और निकासी दोनों पर रोक
यह निर्देश छह महीने के लिये है। सहकारी बैंक को बिना पूर्व मंजूरी के कोई नया निवेश या नई देनदारी लेने से भी मना किया गया है। ये बैंक आरबीआई की जांच के दायरे में है लिहाजा ये पाबंदी लगाई गई है। बता दें कि आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि जांच के इरादे से डेक्कन अरबन को-अपरेटिव बैंक पर पाबंदी जरूर लगाई गई है लेकिन बैंक का लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है। इसका मतलब ये हुआ कि अभी ग्राहकों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है लेकिन वो अपनी मर्जी से पैसा निकाल नहीं सकते हैं। आरबीआई ने बैंक के ग्राहकों से अपील भी की है किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
1000 रुपए से ज्यादा नहीं निकाल पाएंगे ग्राहक
आरबीआई ने शुक्रवार को कहा कि उसने कर्नाटक के डेक्कन अरबन को-अपरेटिव बैंक लिमिटेड को नया कर्ज देने या जमा स्वीकार करने से प्रतिबंधित कर दिया है। इसके अलावा ग्राहक अपने बचत खाते से 1,000 से ज्यादा की रकम नहीं निकाल सकते हैं। बता दें कि केंद्रीय बैंक ने एक विज्ञप्ति में कहा, बैंक की मौजूदा नकदी स्थिति को देखते हुए जमाकर्ताओं को सभी बचत खातों या चालू खातों से 1,000 रुपये से अधिक निकालने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
6 महीने के लिए लगी पाबंदी
आरबीआई के अनुसार ग्राहक अपने कर्ज का निपटान जमा के आधार पर कर सकते हैं। यह कुछ शर्तों पर निर्भर है। नियामक ने कहा, हालांकि 99.58 प्रतिशत जमाकर्ता जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम बीमा निगम (डीसीजीसी) योजना के दायरे में हैं। डीसीजीसी बैंक जमा पर बीमा उपलब्ध कराता है। फिलहाल ये पाबंदी 6 महीने के लिए लगाई गई है। आरबीआई ने कहा कि बैंक की वित्तीय स्थिति की समीक्षा की जाएगी जिसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।
इस बैंक पर भी लगी है आरबीआई की पाबंदी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले आरबीआई ने महाराष्ट्र के नासिक स्थित इंडिपेन्डेन्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड से पैसा निकालने पर रोक लगाई थी। आरबीआई ने एक बयान में कहा कि हालांकि बैंक के 99.88 फीसदी जमाकर्ता पूर्ण रूप से डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (डीआईसीजीसी) बीमा योजना के दायरे में हैं। बीमा योजना के तहत बैंक का प्रत्येक जमाकर्ता अपनी 5 लाख रुपए तक की जमा राशि पर जमा बीमा दावा रकम डीआईसीसी से प्राप्त करने का हकदार है। निकासी पर पाबंदी छह महीने की अवधि के लिए है।
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