RBI expects vegetables to become cheaper soon: रिजर्व बैंक ने क्रेडिट पॉलिसी की घोषणा करते हुए आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने महंगी सब्जियों से जल्द ही राहत मिल सकती है। हालांकि इन महंगी सब्जियों ने आरबीआई का मिजाज भी बदल दिया है। सब्जियों की महंगाई के चलते आरबीआई ने सालाना महंगाई का अनुमान भी बढ़ा दिया है। लेकिन राहत के भी संकेत दिए हैं।

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आज आरबीआई ने रेपो रेट में बढ़ोतरी नहीं कि है लेकिन बढ़ती महंगाई पर चिंता व्यक्त की है। मौजूदा समय में टमाटर और सब्जियों के दाम आससान छू रहे हैं। टमाटर के दाम 200 रुपये के पार निकल चुके हैं, तो सब्जी खरीद पाना आम लोगों के लिए मुश्किल भरा हो गया है। हालांकि आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि एक से 2 महीने में महंगी सब्जियों से राहत मिल जाएगी।

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उन्होंने कहा कि सब्जियों की कीमतों में जल्द कमी आने वाली है। इसके चलते जून में सकल मुद्रास्फीति बढ़ी है। सब्जियों की कीमतें अगस्त में भी ऊपर ही रहने की आशंका है, आने वाले दिनों में सब्जियों और चावल की कीमतें कम हो जाएंगी। यही कारण है कि आरबीआई ने चालू वित्तीय वर्ष की पहली दोनों तिमाहियों में महंगाई का अनुमान बढ़ाया है।

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महंगाई को लेकर अनुमान

  • रिवर्ज बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 2023-24 के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति का अनुमान 5.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.4 प्रतिशत किया है। तिमाही के हिसाब से आरबीआई का अनुमान नीचे बताया जा रहा है।
  • जुलाई-सितंबर 2023 के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति का अनुमान 5.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.2 प्रतिशत कर दिया गया
  • अक्टूबर-दिसंबर 2023 के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति का पूर्वानुमान 5.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.7 प्रतिशत कर दिया गया
  • जनवरी-मार्च 2024 के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति का पूर्वानुमान 5.2 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया
  • अप्रैल-जून 2024 के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति का पूर्वानुमान 5.2 प्रतिशत आंका गया

आरबीआई एमपीसी की मुख्य बातें

  • रेपो रेट लगातार तीसरी बार 6.50 फीसदी पर अपरिवर्तित रखा
  • वित्त वर्ष 2024 के लिए जीडीपी अनुमान 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रहा
  • 2023-24 के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति का अनुमान 5.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.4 प्रतिशत किया गया
  • पॉलसी रुख 'Withdrawal Of Accommodation' पर अपरिवर्तित रहा और एमपीसी के 6 में से 5 सदस्य इस रुख का समर्थन किया
  • एमपीसी मुद्रास्फीति पर नजर रखेगी और मुद्रास्फीति को लक्षित स्तर पर लाने की अपनी प्रतिबद्धता पर दृढ़ रहेगी

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