RBI MPC Meet: रिजर्व बैंक की मौद्रीक समीक्षा कमिटी (MPC) की मीटिंग शुक्रवार को खत्म हो गई है. 6 सदस्यों वाली कमिटी ने लगातार तीसरी बार दरों में कटौती पर सहमति जताई है. इसके तहत 50 बेसिस पॉइंट्स यानी 0.50% की कटौती हुई है, जिससे रेपो रेट 6% से घटकर 5.5% पर आ गया है. इस लिहाज से 3 पॉलिसी मीटिंग में दरों में 1 फीसदी की कटौती की जा चुकी है. गवर्नर संजय मल्होत्रा ने महंगाई को लेकर पहले के अनुमान को घटा दिया है. इसके तहत FY26 के लिए महंगाई दर घटाकर 3.7% कर दिया है, जोकि पहले 4% था.

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RBI की प्रमुख दरें

  • रेपो रेट: 5.5%
  • SDF रेट: 5.25%
  • MSF रेट: 5.75%

इकोनॉमी के सेहत अच्छी

संजय मल्होत्रा ने बताया कि भारतीय इकोनॉमी की सेहत अच्छी है. FY26 के लिए रियल GDP ग्रोथ अनुमान को 6.5% पर बरकरार रखा है. इसके तहत Q1 में रियल GDP अनुमान 6.5 फीसदी पर कायम है, Q2 के लिए 6.7 फीसदी, Q3 के लिए 6.6 फीसदी और Q4 के लिए रियल GDP अनुमान 6.3% पर बरकरार है. उन्होंने कहा कि अच्छे मानसून की वजह से बेहतर खरीफ फसल का अनुमान है. MPC मीटिंग को लेकर गवर्नर ने बताया कि रिटेल महंगाई दर FY26 में 3.7% रहने का अनुमान है. Q1 में 2.9 फीसदी रह सकता है, जोकि Q2 में 3.4% रहने का अनुमान है.

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CRR में कटौती का ऐलान

FY25 में करेंट अकाउंट घाटा यानी CAD कम हुआ है. गवर्नर ने बताया कि CAP मौजूदा स्तर पर ही कायम रह सकता है. उन्होंने कहा कि FY25 के ग्रॉस FDI निवेश में बढ़ोतरी दर्ज की गई. भारत निवेश के लिए आकर्षक ऑप्शन बना हुआ है. 30 मई तक फॉरेक्स रिजर्व 69150 करोड़ डॉलर रहा.

RBI MPC ने कैश रिजर्व रेश्यो यानी CRR में भी कटौती का ऐलान किया, जो 4% से घटाकर 3% कर दिया है. CRR में कटौती 4 फेज में किया जाएगा. यानी हर फेज में CRR 0.25% घटेगा. रिजर्व बैंक ने बताया कि CRR में कटौती से सिस्टम में 2.5 लाख करोड़ रुपए आएंगे.

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कर्जदारों को मिलेगा फायदा

वेंचुरा के रिसर्च हेड विनीत बोलिंजकर ने कहा कि महंगाई राहत से ब्याज दरों में 50 बेसिस पॉइंट्स की भारी कटौती की गई है. क्योंकि महंगाई दर घटकर अप्रैल 2025 में 3.2 फीसदी पर आ गया, जोकि रिजर्व बैंक के तय दायरे 4% के नीचे आ गया है. यह अक्टूबर 2024 में 6.2% पर था. ग्लोबल कमोडिटी कीमतों में गिरावट और सामान्य मानसून के चलते RBI ने FY26 के लिए महंगाई दर 3.7% रहने का अनुमान जताया है. रियल जीडीपी ग्रोथ के लिए अनुमान को 6.5% पर बरकरार रखा है.

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उन्होंने कहा कि ब्याज दरें घटने से कर्जदारों को फायदा मिलेगा. इससे लोन ईएमआई में कमी आएगी. फरवरी से अब तक दरों को 1 फीसदी घटाया जा चुका है. अच्छी बात यह भी है कि रिजर्व बैंक ने स्टांस भी बदलकर न्यूट्रल कर दिया है, जोकि पहले अकोमोडेटिव था. इसके अलावा कैश रिजर्व रेश्यो यानी CRR में 1 फीसदी की कटौती की गई, जोकि 4 फीसदी से घटकर 3 फीसदी पर आ गया है.