नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने रविवार को बैंक ग्राहकों की आशंकाओं को दूर करते हुए कहा है कि उनका पैसा सुरक्षित है। दरअसल यस बैंक का मामला सामने के आने के बाद कुछ और बैंकों को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं। इतना ही नहीं कुछ मीडिया रिपोर्टों में जमा के मुकाबले बाजार पूंजीकरण अनुपात के आधार पर भारतीय बैंकों की खराब हालत का दावा किया गया। इसके बाद आरबीआई ने साफ किया कि किसी बैंक की हालत का पता बाजार पूंजीकरण से नहीं बल्कि पूंजी पर्याप्तता अनुपात (Capital adequacy ratio) से चलता है। आरबीआई ने लगाये जा रहे अनुमानों को गलत बताया है।

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ट्वीट कर आरबीआई ने दूर की चिंता
आरबीआई ने ट्वीट कर कहा कि कुछ बैंकों में जमा राशि की सुरक्षा को लेकर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में चिंता जताई गई है। यह चिंता विश्लेषण पर आधारित है जिसमें गलती है। आरबीआई ने बताया कि बैंकों की सॉल्वेंसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैपिटल टू रिस्क वेटेड एसेट्स (पूंजी पर्याप्तता अनुपात) पर आधारित होती है, न कि मार्केट कैपिटल पर। आरबीआई सभी बैंकों पर कड़ी नजर रखता है और सभी जमाकर्ताओं को आश्वस्त करता है कि किसी भी बैंक में जमा उनके पैसों की सुरक्षा को लेकर कोई चिंता नहीं है।

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यस बैंक के लिए आरबीआई का प्लान
जहां तक यस बैंक का सवाल है तो एसबीआई यस बैंक में 49 फीसदी तक हिस्सेदारी खरीद सकता है। एसबीआई उन निवेशकों के प्रस्ताव पर भी गौर कर रहा है, जिन्होंने यस बैंक में हिस्सेदारी खरीदने को लेकर रुचि दिखाई है। वहीं आरबीआई की तरफ से यस बैंक के लिए पेश की गयी योजना में इसकी अधिकृत पूंजी को 800 करोड़ रुपये से बढ़ा कर 5,000 करोड़ रुपये करना भी शामिल है। आरबीआई ने यस बैंक के एसबीआई के साथ विलय न करने का फैसला किया है क्योंकि इससे एसबीआई की बैलेंस शीट पर दबाव पड़ेगा।

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