Minimum Balance Rule: रिजर्व बैंक ने लगभग 2 महीने पहले ही यस बैंक पर 91 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके पीछे का कारण था कि यस बैंक ने मिनिमम बैलेंस ना रखने पर लोगों पर गलत तरह से चार्ज लगाकर ये कमाई की थी। कई बैंक ऐसे हैं जो ग्राहक के बैंक अकाउंट में न्यूनतम सीमा से कम बैलेंस होने पर पेनाल्टी लगाते हैं। अलग-अलग बैकों के लिए यह चार्ज अलग निर्धारित है। इसके कारण अकाउंट से सारे पैसे निकाल लिए जाने पर अगर बैंक पेनाल्टी लगा दे तो बैलेंस निगेटिव हो जाएगा। आइए इसके बारे में आपको पूरी जानकारी देते हैं।

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मिनिमम बैलेंस क्या है? (RBI Minimum Balance Rules)

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साथ ही अगर आप किसी भी बैंक में सेविंग्स अकाउंट खोलते हैं तो कुछ बैंक न्यूनतम बैलेंस की एक सीमा रखते हैं। यानी आपको उस खाते में कम से कम उतना पैसा रखना जरूरी है जो तय हुआ है।

आरबीआई के द्वारा दिए गए निर्देश (RBI Minimum Balance Limit)

आरबीआई के अनुसार, सभी बैकों के लिए ये जरूरी है कि वह सुनिश्चित करें कि किसी भी खाते में मिनिमम बैलेंस ना रखने के चलते पेनाल्टी लगने से बैलेंस निगेटिव ना हो। पर आपको बता दें कि इसक मतलब ये नहीं है कि बैंक के ग्राहक को मिनिमम बैलेंस ना रखने की पेनाल्टी नहीं चुकानी होगी।

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यह जरूरी है कि बैंकों को ग्राहकों को इसकी सूचना तुरंत देनी होगी, जैसे ही खाता मिनिमम बैलेंस से नीचे चला जाए तो बैंकों को अपने ग्राहकों को ऐसी स्थिति में लगने वाले चार्ज के बारे में बैंक ग्राहक को जानकारी दें, ताकि वह सही कदम उठा पाएं।

पेनाल्टी की जगह सुविधाओं को सीमित करा जाए

ऐसे बैंक अकाउंट पर बैंकों को पेनाल्टी लगाने के बजाय उस पर दी जाने वाली सुविधाओं को सीमित कर देना चाहिए। साथ ही बैंकों को ऐसे खातों को बेसिक अकाउंट में बदल देना चाहिए। वहीं जब ग्राहक के खाते में बैलेंस फिर से मिनिमम बैलेंस से ज्यादा तो उसे रेगुलर अकाउंट में रीस्टोर कर देना चाहिए।

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ऐसे में ग्राहकों को अकाउंट के नेगेटिव होने की भी परेशानी नहीं होगी और रिजर्व बैंक के नियम के अनुसार बैलेंस मिनिमम अमाउंट से कम होने पर पेनाल्टी नहीं लगाई जा सकेगी, क्योंकि इससे खाता निगेटिव हो जाएगा।